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UP उपचुनाव: कौन हैं पूजा पाल, '10 दिन की शादी', 20 साल की पॉलिटिक्स, BSP-SP से लेकर BJP तक 360 डिग्री टर्न

UP By-Election 2024: पूजा पाल चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार इस बात को दोहरा रही हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें न्याय दिया। पूजा पाल यह बात योगी सरकार द्वारा माफिया अतीक अहमद के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई के पक्ष में कह रही हैं। पूजा पाल की इस बात में सच्चाई भी है कि प्रयागराज और उसके आस-पास के कई जिलों में अतीक अहमद और उसका परिवार आंतक का पर्याय बन चुका था

Arun Tiwariअपडेटेड Nov 16, 2024 पर 6:45 AM
UP उपचुनाव: कौन हैं पूजा पाल, '10 दिन की शादी', 20 साल की पॉलिटिक्स, BSP-SP से लेकर BJP तक 360 डिग्री टर्न
UP उपचुनाव: कौन हैं पूजा पाल, '10 दिन की शादी', 20 साल की पॉलिटिक्स, BSP-SP से लेकर BJP तक 360 डिग्री टर्न

यूपी उपचुनाव में प्रयागराज जिले की फूलपूर सीट को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं। दरअसल इस सीट पर कौशांबी जिले की चायल सीट से सपा विधायक पूजा पाल बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांग रही हैं। इसके अलावा उन्होंने मिर्जापुर की मंझवा सीट पर भी बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया है। पूजा पाल 8 महीने पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर विवादों में आई थीं, लेकिन अब उपचुनाव के दौरान वो अपनी ही पार्टी की सरकार को हत्यारी भी कह रही हैं।

पूजा पाल चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार इस बात को दोहरा रही हैं कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें न्याय दिया। पूजा पाल यह बात योगी सरकार द्वारा माफिया अतीक अहमद के खिलाफ की गई कठोर कार्रवाई के पक्ष में कह रही हैं। पूजा पाल की इस बात में सच्चाई भी है कि प्रयागराज और उसके आस-पास के कई जिलों में अतीक अहमद और उसका परिवार आंतक का पर्याय बन चुका था। योगी आदित्यनाथ की सरकार में उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। लेकिन सवाल यह नहीं है कि योगी सरकार, उसके पहले सपा और बसपा सरकारों का अतीक के साथ क्या व्यवहार रहा? सवाल यह है कि 2005 में हुई राजू पाल की हत्या के बाद पूजा पाल ने किस तरह के राजनीतिक टर्न लिए हैं। एक अपराधी से शादी से लेकर अब तक पूजा पाल की जिंदगी राजनीतिक विरोधाभासों से भरी रही है। उनका सबसे विवादित फैसला समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने का माना जाता है जिसकी सरकार को वो अब हत्यारी बता रही हैं।

राजू पाल की हत्या, 2005 का उपचुनाव, पूजा पाल की हार और आगे की राजनीति

2004 में यूपी की कुछ सीटों पर विधानसभा उपचुनाव हुए थे। तब राज्य में दिवंगत मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार थी। इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को राजू पाल ने चुनाव हरा दिया था और इस बात ने अतीक के अहम को ठेस पहुंचाई थी। इसके बाद 2005 की 25 जनवरी को राजू पाल की दिन-दहाड़े सड़क पर दौड़ा हत्या की गई। पूरा शहर दहशत में आ गया।

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