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Amalaki Ekadashi 2025: आमलकी एकादशी का व्रत आज, जानें कथा, महत्व और पूजन विधि

10 मार्च 2025 को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और आंवले के वृक्ष की पूजा का महत्व है। व्रत व कथा सुनने से सभी पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। एक शिकारी ने अनजाने में कथा सुनी, जिससे अगले जन्म में राजा बना और ईश्वर की कृपा प्राप्त की

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 10, 2025 पर 8:53 AM
Amalaki Ekadashi 2025: आमलकी एकादशी का व्रत आज, जानें कथा, महत्व और पूजन विधि
Amalaki Ekadashi 2025: आमलकी एकादशी व्रत के दौरान व्रत कथा का पाठ करना अनिवार्य माना जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, 10 मार्च 2025 को आमलकी एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। ये दिन सिर्फ उपवास और पूजा का नहीं, बल्कि ईश्वरीय आशीर्वाद, आध्यात्मिक ऊर्जा और अक्षय पुण्य प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ आंवले के पवित्र वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि जो भक्त इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करते हैं, उनके जीवन में धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य की वर्षा होती है। साथ ही, इस दिन अन्न और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

धार्मिक मान्यता है कि आमलकी एकादशी का व्रत पापों का नाश कर मोक्ष का द्वार खोलता है। तो आइए, इस एकादशी पर ईश्वर की भक्ति में लीन होकर अपना जीवन शुभता से भरें।

व्रत कथा का महत्व

आमलकी एकादशी व्रत के दौरान व्रत कथा का पाठ करना अनिवार्य माना जाता है। ऐसा करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है और व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक इस कथा को सुनते हैं, उन्हें भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

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