ई-वे बिल सिस्टम के तहत वाहनों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग या डिवाइस लगाया जाता है, जिससे सामानों की आवाजाही पर हर समय नज़र रखना संभव हो पाता है। इस तरह की निगरानी से सरकारी अधिकारियों को काफी मदद मिलती है, क्योंकि इससे नियमों का सख़्ती से पालन होता है और टैक्स की चोरी कम हो जाती है।
