अद्भुत, अविश्वसनिय लेकिन अकल्पनिय नहीं। बंगाल और तमिलनाडु में तृणमूल कांग्रेस और डीएमके का पिछड़ना एक बात को साबित कर गया कि जनता अब परिवारवाद, भ्रष्टाचार की राजनीति से उब चुकी है। यही कारण है कि इस जीत को बीजेपी अद्भुत और अविश्वसनिय भले ही पा रही हो लेकिन जंग में कूदने से पहले ये अकल्कपनिय नहीं था। बीजेपी आलाकमान जानता था कि जनता को विकास चाहिए , युवा को रोजगार चाहिए, महिला शक्ति को ताकत चाहिए। ममता बनर्जी और स्टालिन जैसे नेता केन्द्र के साथ दो-दो हाथ करने के फेर में पड़े रहे और जनता की नब्ज पकड नहीं पाए।
