2000 रुपये के नोटों के चलन में आई बड़ी गिरावट, मार्च में कुल मूल्य 37.3% से घटकर हुआ 10.8%

RBI द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2018 को सर्कुलेशन में इन नोटों की टोटल वैल्यू 6.73 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि 31 मार्च, 2023 को घटकर 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गई है। ये कुल नोटों के सर्कुलेशन का केवल 10.8 फीसदी हिस्सा है

अपडेटेड May 20, 2023 पर 2:09 PM
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सर्कुलेशन में 2,000 के नोटों का कुल मूल्य मार्च 2018 में 37.3 फीसदी से घटकर 10.8 फीसदी हो गया है।

2000 Notes Ban : 2000 रुपये के नोटों के चलन में बड़ी गिरावट आई है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सर्कुलेशन में 2,000 के नोटों का कुल मूल्य मार्च 2018 में 37.3 फीसदी से घटकर 10.8 फीसदी हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2018 को सर्कुलेशन में इन नोटों की टोटल वैल्यू 6.73 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि 31 मार्च, 2023 को घटकर 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गई है। ये कुल नोटों के सर्कुलेशन का केवल 10.8 फीसदी हिस्सा है। आरबीआई ने आगे कहा, "यह देखा गया है कि 2000 रुपये के बैंकनोट लेन-देन के लिए आमतौर पर उपयोग में नहीं लिए जा रहे हैं, इसके अलावा, अर्थव्यवस्था की जरूरत के लिए अन्य मूल्यवर्ग के नोटों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।"

आरबीआई का कहना है कि इन कारणों से और भारतीय रिज़र्व बैंक की ‘स्वच्छ मुद्रा नीति’ को ध्यान में रखते हुए 2000 मूल्यवर्ग के बैंकनोटों को सर्कुलेशन से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले आरबीआई ने कहा था कि वह रिव्यू के आधार पर 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस ले रहा है। हालांकि, आरबीआई ने विज्ञप्ति में कहा है कि 2000 रुपये के मूल्यवर्ग के नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे।

30 सितंबर तक वैलिड रहेंगे नोट


RBI ने कहा है कि 2000 के नोट 30 सितंबर तक वैध रहेंगे। बता दें कि आम लोग 30 सितंबर तक अपने संबंधित बैंक अकाउंट में 2,000 रुपये के नोट जमा कर सकते हैं या बदल सकते हैं। ये सुविधा 23 मई से RBI और देशभर के दूसरे सभी बैंकों के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में उपलब्ध होगी। RBI के मुताबिक परिचालन सुविधा को बनाए रखने और बैंक ब्रांच के रेगुलर कामकाज में रुकावट को कम करने के लिए 20,000 रुपए तक के 2,000 के नोट बदले जा सकते हैं।

2016 में पहली बार जारी किए गए थे नोट

पहली बार 2016 में RBI अधिनियम 1934 की धारा 24(1) के तहत 2000 रुपये के नोट जारी किए गए। इसमें कहा गया था कि ₹500 और ₹1000 के नोटों के विमुद्रीकरण के बाद अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹2000 की करेंसी शुरू की गई। क्योंकि दूसरी कीमत के बैंकनोट काफी मात्रा में उपलब्ध हो गए थे। RBI ने 2018-19 में ₹2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी थी।

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