Get App

52nd GST Council Meet: मोटे अनाज के आटे से बना खाना होगा सस्ता, GST की दर घटी

52nd GST Council Meet: GST ​परिषद की 52वीं मीटिंग आज 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से सुषमा स्‍वराज भवन में हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी अध्यक्षता की। मीटिंग में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी शामिल थे। GST काउंसिल की पिछली बैठक में कैसीनो, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग पर बेट की कुल फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया गया था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 07, 2023 पर 5:39 PM
52nd GST Council Meet: मोटे अनाज के आटे से बना खाना होगा सस्ता, GST की दर घटी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की।

52nd GST Council Meet: GST काउंसिल (GST Council) ने मोटे अनाज (millets) के आटे पर GST की दर को मौजूदा 18% से घटाकर 5% करने का फैसला किया है। लेकिन यह दर प्रीपैकेज्ड और लेबल्ड फॉर्म में बिकने वाले मिलेट्स आटे के लिए लागू होगी। अगर आटा खुले में बिक रहा है तो GST 0% रहेगा। GST ​परिषद की शनिवार को हुई 52वीं मीटिंग में यह फैसला लिया गया।इस फैसले की उम्मीद पहले से थी क्योंकि फिटमेंट कमेटी ने आटा फॉर्म में मिलने वाले मिलेट्स पर GST घटाने की सिफारिश की थी। मोटे अनाज के तहत बाजरा, ज्वार, रागी, कंगनी, कुटकी, कोदो, सवां, चेना, जौ आदि आते हैं। मोटे अनाज अपने पोषक तत्वों की वजह से काफी मशहूर हैं।

बैठक के बाद नतीजों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि GST में यह कटौती HS1901 की कैटेगरी में आने वाले मिलेट्स के लिए की जा रही है। अगर किसी आटे में मिलेट्स की मात्रा 70 प्रतिशत है और वह पैकेज्ड के बजाय खुले में बिक रहा है तो उस पर 0 प्रतिशत GST लगेगा। लेकिन अगर यही आटा प्रीपैकेज्ड और लेबल्ड फॉर्म में बिकता है तो उस पर 5 प्रतिशत GST लगेगा।

मोटे अनाज का उत्पादन भारत के लगभग सभी राज्यों में किया जाता है लेकिन सबसे ज्यादा उत्पादन राजस्थान होता है। मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष मना रही है।

सुषमा स्‍वराज भवन में हुई मीटिंग

सब समाचार

+ और भी पढ़ें