बांग्लादेश ने Adani Power को चुकाए ₹3300 करोड़, अब इतना है बकाया

Adani Group News: वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध में आयात की लागत बढ़ने और फिर घरेलू राजनीतिक संकट के चलते बांग्लादेश की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ा। इस वजह से अदाणी पावर की बिजली के लिए इस पर भारी-भरकम बकाया भी हो गया है। इस महीने बांग्लादेश ने अदाणी पावर (Adani Power) को $38.4 करोड़ (करीब ₹3300 करोड़) चुकाए हैं

अपडेटेड Jun 28, 2025 पर 4:05 PM
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Adani Group News: बांग्लादेश ने अदाणी पावर (Adani Power) को जून में $38.4 करोड़ (करीब ₹3300 करोड़) चुकाए हैं।

Adani Group News: बांग्लादेश ने अदाणी पावर (Adani Power) को जून में $38.4 करोड़ (करीब ₹3300 करोड़) चुकाए हैं। इसके बाद अब अदाणी ग्रुप की पावर कंपनी के साथ बिजली की सप्लाई से जुड़े समझौते के तहत बकाया राशि में बड़ी गिरावट आई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से इसका खुलासा किया है। इस महीने बांग्लादेश को $43.7 करोड़ (करीब ₹3750 करोड़) देना था और 27 जून तक इसने अदाणी पावर को $38.4 करोड़ चुका दिए हैं यानी कि बकाए का बड़ा हिस्सा चुकता हो गया है। इससे बांग्लादेश ने 31 मार्च तक जितनी देनदारियां मानी थी, वह पूरी चुकता हो जाएंगी। वहीं अदाणी ग्रुप ने जितने बकाया का दावा किया है, वह काफी अधिक है लेकिन अगर महीने के आखिरी तक बांग्लादेश अपनी प्रतिबद्धता के मुताबिक पेमेंट करता है तो बकाया घटकर करीब $50 करोड़ पर आ जाएगा। अगर बांग्लादेश अपनी पेमेंट से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है तो अदाणी ग्रुप ने जनवरी-जून तक के पेमेंट में देरी के सरचार्ज यानी लेट पेमेंट सरचार्ज को माफ करने पर हामी भरी है जो करीब $2 करोड़ है।

दोनों पक्षों के कैलकुलेशन में क्यों है फर्क?

सूत्रों के मुताबिक अभी बांग्लादेश और अदाणी पावर के बीच कोयले की लागत और प्लांट की क्षमता के कैलकुलेशंस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इन्हीं वजहों से ही अदाणी ग्रुप के दावे वाली राशि यानी क्लेम्ड और बांग्लादेश के माने जाने वाले बकाए यानी एड्मिटेड ड्यू में फर्क है। वैसे बांग्लादेश इस समय बिजली, कोयला और तेल जैसे जरूरी आयात के लिए भी पर्याप्त डॉलर नहीं जेनेरट कर पा रहा है। अंतरिम सरकार ने IMF से मौजूदा $4.7 अरब के राहत पैकेज के अलावा अतिरिक्त $3 अरब का कर्ज मांगा है।


पेमेंट को लेकर दिक्कतों से जूझ रहा बांग्लादेश

वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध में आयात की लागत बढ़ने और घरेलू राजनीतिक संकट के चलते बांग्लादेश की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ा। घरेलू राजनीतिक संकट में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़कर देश से बाहर निकलना पड़ा। इसी वजह से अदाणी ग्रुप के साथ वर्ष 2017 में हुई डील के तहत बांग्लादेश पर जो देनदारी बन रही है, मौजूदा परिस्थितियों में उसे चुकाने में इसे दिक्कतें हो रही हैं। इसके चलते अदाणी ने पिछले साल सप्लाई आधी कर दी थी और फुल सप्लाई मार्च 2025 में ही शुरू हुई, जब मंथली पेमेंट में बकाए का कुछ हिस्सा कवर होना शुरू हुआ। अब लेटेस्ट पेमेंट के साथ बांग्लादेश करीब $200 करोड़ के बिल में से करीब $150 करोड़ चुका चुका है।

सरकार बदलने पर बदल गई स्थिति

वर्ष 2017 में अदाणी पावर और बांग्लादेश के बीच बिजली की सप्लाई का सौदा हुआ था लेकिन बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार जाने के बाद इसकी जांच शुरू हो गई। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने ऊर्जा और कानूनी विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की बात कही ताकि बिजली खरीद समझौते (PPA) की दोबारा समीक्षा की जा सके। वर्ष 2017 के सौदे के तहत अदाणी पावर की झारखंड में स्थित गोड्डा पावर प्लांट से कोयले से बनने वाली 100% बिजली बांग्लादेश को 25 साल के लिए सप्लाई करने पर सहमति बनी थी। हालांकि पेमेंट डिफॉल्ट के चलते नवंबर 2024 में अदाणी पावर ने सप्लाई आधी कर दी। जब बांग्लादेश ने बकाया कम किया तो मार्च 2025 में लगभग 1600 मेगावाट की पूरी सप्लाई बहाल की गई। बांग्लागेश को अदाणी पावर के अलावा भारतीय सरकारी कंपनियां- एनटीपीसी और पीटीसी इंडिया भी बिजली की सप्लाई करती है।

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