Adani Group News: अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों को कॉरपोरेट लेवल पर तगड़ा झटका लगा है। दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए ग्रीन एनर्जी पर शिफ्ट होने के लिए जोर दिया जा रहा है और अदाणी ग्रुप इस मामले में भारत में सबसे आगे रहने की कोशिश में है। हालांकि इसकी तीन कंपनियों को अब इस लक्ष्य को हासिल करने में यूएन की मदद नहीं मिल पाएगी। अप्रैल के आखिरी दिनों में अदाणी ग्रीन (Adani Green), अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (Adani Ports & Special Economic Zone) को 'कंपनीज टेकिंग एक्शन' सूची से बाहर निकाल दिया गया।
इस सूची को यूएन का एक ग्रुप साइंस बेस्ड टारगेट्स इनीशिएटिव्स (SBTi) पब्लिश करता है। यह ग्रुप कंपनियों पेरिस समझौते के हिसाब से कंपनियों को उत्सर्जन घटाने के लिए योजना बनाने में मदद करता है। इस समझौते के तहत ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने का लक्ष्य रखा गया है। SBTi की सूची से बाहर निकलने के बाद अब अदाणी ग्रुप की तीनों कंपनियों को यह मदद नहीं मिल पाएगी। यूएन ग्रुप के प्रवक्ता का कहना है कि ये कंपनियां इसके मानकों और नीतिगत जरूरतों के हिसाब से नहीं थी तो इन्हें बाहर कर दिया गया।
सस्टैनबिलिटी सोच के निवेशक इससे जुड़े शेयरों में निवेश के लिए एसबीटीआई की सूची देखते हैं। फरवरी की शुरुआत में 500 से अधिक ईएसजी फंड्स में अदाणी ग्रुप के शेयर भी दिखे। इस सूची में रहना अदाणी ग्रुप के लिए कितना अहम था, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि इस सूची में शामिल होने के बाद इसके शेयरों में निवेश और बढ़ता। इसके अलावा फरवरी में एक फाइलिंग में खुलासा हुआ था कि अदाणी ने कर्माइकल कोल माइन को लेकर लोन हासिल करने के लिए अपनी ग्रीन कंपनियों के शेयरों को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल किया।
Adani Group का क्या है रिएक्शन
एसबीटीआई की लिस्ट से बाहर निकाले जाने को लेकर अदाणी ग्रुप का कहना है कि इसने यूएन ग्रुप से इसका कारण जानने की कोशिश की है। अदाणी ग्रुप ने यह भी उम्मीद जताया है कि एसबीटीआई अपने फैसले पर फिर से विचार करेगी और फिर से इसकी कंपनियों को अपनी सूची में शामिल करेगा। अदाणी ग्रुप का कहना है कि ये तीनों कंपनियों किसी भी प्रकार से तेल, प्राकृतिक गैस, कोयले या अन्य किसी प्रकार जीवाश्म ईंधन (फॉसिल्स फ्यूल्स) के उत्पादन में नहीं लगी हुई है और एसबीटीआई में शामिल होने के बाद ये कम कॉर्बन उत्सर्जन के लिए अपना प्लान भी तैयार कर रही हैं। अदाणी ग्रुप नए ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 80 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश कर रहा है। इसकी योजना दुनिया में रिन्यूएबल एनर्जी का सबसे बड़ा उत्पादक और ग्रीन डेटा स्टोरेज के मामले में टॉप पर रहने का है।
दो कंपनियां अभी भी लिस्ट में
ऐसा नहीं है सिर्फ अदाणी ग्रुप पर ही एसबीटीआई की तलवार चली है। इसने 16 और कंपनियों को सूची से बाहर किया है। ऐसा फॉसिल फ्यूल पॉलिसी में बदलाव के चलते हुआ है। इस पॉलिसी के तहत उन कंपनियों को बाहर करने का प्रावधान किया गया है जो किसी भी प्रकार से तेल, प्राकृतिक गैस, कोयला या अन्य फॉसिल्स फ्यूल्स के एक्सप्लोरेशन, एक्स्ट्रैक्शन, माइनिंग या उत्पादन में लगी हुई हैं। अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों अदाणी ग्रीन, अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी पोर्ट्स को एसबीटीआई लिस्ट से बाहर निकाल दिया गया है। हालांकि ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी अभी भी लिस्ट में बनी हुई हैं।