Adani Power की सब्सिडियरी ने बांग्लादेश को पावर सप्लाई की आधी, इस वजह से लिया एक्शन

बांग्लादेश बिजली विकास बोर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि पिछले बकाए का एक हिस्सा पहले चुका दिया गया था, लेकिन जुलाई से APJL पिछले महीनों की तुलना में अधिक चार्ज कर रही है। इससे पहले अदाणी ग्रुप की कंपनी ने बांग्लादेश के ऊर्जा सचिव को एक लेटर लिखकर अनुरोध किया था कि बांग्लादेश बिजली विकास बोर्ड से 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने को कहा जाए

अपडेटेड Nov 01, 2024 पर 8:06 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
बांग्लादेश ने गुरुवार और शुक्रवार के बीच की रात में 1,600 मेगावाट से अधिक बिजली की किल्लत की सूचना दी।

बिजली कंपनी अदाणी पावर (Adani Power) के पूर्ण-मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL) ने बांग्लादेश को अपनी बिजली आपूर्ति घटाकर आधा कर दी है। इसकी वजह है 84.6 करोड़ डॉलर का बिल बकाया होना। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, न्यूजपेपर 'डेली स्टार' की एक खबर में कहा गया है कि पावर ग्रिड बांग्लादेश पीएलसी के आंकड़ों से पता चला है कि अदाणी समूह के पावर प्लांट ने गुरुवार रात को सप्लाई कम कर दी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश ने गुरुवार और शुक्रवार के बीच की रात में 1,600 मेगावाट से अधिक बिजली की किल्लत की सूचना दी। इसकी वजह यह है कि करीब 1,496 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट अब सिंगल यूनिट से 700 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन कर रहा है।

कंपनी ने लेटर लिखकर दी थी चेतावनी


इससे पहले अदाणी ग्रुप की कंपनी ने बांग्लादेश के ऊर्जा सचिव को एक लेटर लिखकर अनुरोध किया था कि बांग्लादेश बिजली विकास बोर्ड (PDB) से 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने को कहा जाए। 27 अक्टूबर को लिखे गए लेटर में कहा गया कि अगर बकाया बिलों का भुगतान नहीं होता है तो कंपनी 31 अक्टूबर को पावर सप्लाई सस्पेंड करके बिजली खरीद समझौते (PPA) के तहत रेमेडियल एक्शन लेने के लिए मजबूर होगी। कंपनी ने कहा कि PDB ने न तो बांग्लादेश कृषि बैंक से 17 करोड़ डॉलर की राशि की ऋण सुविधा दी है और न ही 84.6 करोड़ डॉलर की बकाया राशि का भुगतान किया है।

Royal Enfield की अक्टूबर में बिक्री 31% बढ़ी, शेयर 2% उछला

APJL ने बढ़ा दिया है चार्ज

न्यूजपेपर 'डेली स्टार' ने पीडीबी के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि पिछले बकाए का एक हिस्सा पहले चुका दिया गया था, लेकिन जुलाई से APJL पिछले महीनों की तुलना में अधिक चार्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीबी हर सप्ताह करीब 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान कर रहा है, जबकि शुल्क 2.2 करोड़ डॉलर से अधिक है। बकाया भुगतान फिर से बढ़ने की यही वजह है। यह भी कहा कि पीडीबी ने पिछले सप्ताह का भुगतान भी कृषि बैंक को सौंप दिया था, लेकिन डॉलर की कमी के कारण बैंक भुगतान के एवज में लेटर ऑफ क्रेडिट ओपन करने में विफल रहा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।