50 साल तक सुजुकी मोटर की बागडोर संभालने वाले और कंपनी के पूर्व चेयरमैन ओसामू सुजुकी का निधन

सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन ओसामू सुजुकी का निधन हो गया है। वह 94 साल के थे। उन्होंने बड़े पैमाने पर मोटरसाइकल और मिनीकार लॉन्च करने के लिए जाना जाता है। सुजुकी में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्तरी अमेरिका और यूरोप में गाड़ियां बेचने के लिए जनरल मोटर्स कंपनी के साथ पार्टनरशिप की। साथ ही, उन्होंने भारत में बड़ा मार्केट शेयर हासिल करने के लिए छोटी कारों का कंपनी की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया

अपडेटेड Dec 27, 2024 पर 3:58 PM
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ओसामू सुजुकी पहले एक बैंक एंप्लॉयी थे। ऑटोमोटिव बिजनेस में उनकी एंट्री तब हुई, जब उनकी कंपनी के फाउंडर की पड़पोती मिशियो सुजुकी से विवाह किया।

सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन ओसामू सुजुकी का निधन हो गया है। वह 94 साल के थे। उन्होंने बड़े पैमाने पर मोटरसाइकल और मिनीकार लॉन्च करने के लिए जाना जाता है। सुजुकी में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्तरी अमेरिका और यूरोप में गाड़ियां बेचने के लिए जनरल मोटर्स कंपनी के साथ पार्टनरशिप की। साथ ही, उन्होंने भारत में बड़ा मार्केट शेयर हासिल करने के लिए छोटी कारों का कंपनी की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया।

साल 2019 में जापानी भाषा में छपे अपने संस्मरण में अपनी लीडरशिप के तौर-तरीकों को लेकर उन्होंने कहा था, 'अगर मैं सभी की सुनता, तो इससे हमारे काम करने की प्रक्रिया सुस्त हो जाती। कभी रुकें नहीं, वर्ना आप पीछे पड़ जाएंगे।' वह सबसे ज्यादा समय तक सुजुकी के प्रेसिडेंट रहे। उनका कार्यकाल 28 साल से भी ज्यादा का था। उन्होंने जून 2015 में कंपनी के प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी अपने बेटे को सौंपी थी और खुद कंपनी के सीईओ और चेयरमैन बन गए थे। इसके बाद ओसामू सालभर तक दोनों पदों पर रहे और फ्यूल इकोनॉमी पर गलत बयानी के मामले में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

ग्लोबल पहुंच

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, ऑटो कंपनी ने मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में दुनिया भर में 32 लाख गाड़ियों की बिक्री की और इस मामले में दुनिया की नवंबर वन कंपनी टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन को पछाड़ दिया। इनमें आधे से ज्यादा गाड़ियों बिक्री भारत में हुई और कंपनी की भारतीय इकाई मारुति सुजुकी की बड़ी हिस्सेदारी रही।


ओसामू सुजुकी पहले एक बैंक एंप्लॉयी थे। ऑटोमोटिव बिजनेस में उनकी एंट्री तब हुई, जब उनकी कंपनी के फाउंडर की पड़पोती मिशियो सुजुकी की विवाह किया। विवाद के बाद ओसामू ने अपनी पत्नी का टाइटल ग्रहण कर लिया। जापानी परंपरा के मुताबिक, अगर परिवार में कोई पुरुष वारिस नहीं हो, तो उन्हें पत्नी का टाइटल ग्रहण करना पड़ता है। ओसामू ने 1958 में कंपनी ज्वाइन किया था और 1978 में वह प्रेसिडेंट बन गए थे। इसके अगले ही साल उन्होंने जापान में ऑल्टो-मिनी कार लॉन्च की थी।

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