टॉप ग्लेबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने अदाणी कैपिटल (Adani Capital) और अदाणी हाउसिंग (Adani Housing) के अधिग्रहण के लिए समझौता किया है। इस समझौते के तहत फर्म 90 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने जा रही है। इस ट्रांजेक्शन के जरिए कंपनी में अदाणी परिवार का 100 फीसदी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट खरीद लिया जाएगा। इसके साथ ही गौरव गुप्ता कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के रूप में काम करना जारी रखेंगे। इस डील के साथ, अदाणी परिवार शैडो बैंकिंग बिजनेस में अपनी लगभग सारी हिस्सेदारी बेच देगी, जिसे 2017 में लॉन्च किया गया था।
12 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान
बेन कैपिटल ने अधिग्रहण के साथ कंपनी की ग्रोथ के लिए प्राइमरी कैपिटल में 12 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान भी किया है। बेन कैपिटल नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर के रूप में कंपनी को 5 करोड़ डॉलर की लिक्विडिटी लाइन भी प्रोवाइड करेगी, जिसका मकसद कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। बेन कैपिटल के पार्टनर ऋषि मंडावत ने अदानी कैपिटल की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि गौरव और टीम ने बड़े पैमाने पर लोन देने वाला बिजनेस बनाया है जो आंत्रप्रन्योर को सपोर्ट करता है। उन्होंने कंपनी के मजबूत बिजनेस फंडामेंटल और एग्रीकल्चर, हाउसिंग और कम बैंकिंग सुविधा वाले ग्रामीण क्षेत्रों सहित कई सेगमेंट्स में सेवा देने की क्षमता के बारे में बात की।
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ''मैं गौरव को उनके इन्वेस्टमेंट बैंकर के दिनों से जानता हूं।'' उन्होंने आगे कहा, "वे एक उद्यमी बनना चाहता थे और मैंने उसका सपोर्ट किया। उन्होंने न केवल सेमी-अर्बन और ग्रामीण भारत में वंचितों पर फोकस करते हुए एक अच्छा फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस बनाया है, बल्कि अदाणी ग्रुप में भी बहुमूल्य योगदान दिया है। मुझे बहुत खुशी है कि बेन जैसा भरोसेमंद निवेशक अब इसमें कदम रख रहा है और इससे बिजनेस को यहां से कई गुना बढ़ने में मदद मिलेगी।"