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Bajaj Auto के राजीव बजाज ने कहा-अगर चीन ने अर्थ मिनरल की सप्लाई रोकी तो इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी

Rajiv Bajaj: राजीव बजाज ने कहा कि अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ का बजाज ऑटो के एक्सपोर्ट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कंपनी ज्यादातर एक्सपोर्ट दक्षिणी देशों को करती है। लेकिन, अगर चीन दुर्लभ अर्थ मैगनेट का एक्सपोर्ट रोकता है तो इसका बजाज ऑटो के साथ ही तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ेगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Apr 28, 2025 पर 4:19 PM
Bajaj Auto के राजीव बजाज ने कहा-अगर चीन ने अर्थ मिनरल की सप्लाई रोकी तो इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी
बजाज ने कहा कि दुनिया में दुर्लभ अर्थ मैगनेट की सप्लाई में चीन की 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।

बजाज ऑटो ने हमेशा वक्त के साथ खुद को बदला है। यही वजह है कि कंपनी हर चैलेंज का मुकाबला करने में सफल रही है। यह दावा बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज ने किया। मनीकंट्रोल को दिइ इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ, टू-व्हीलर्स मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा सहित कई मसलों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ का बजाज ऑटो के एक्सपोर्ट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कंपनी ज्यादातर एक्सपोर्ट दक्षिणी देशों को करती है। लेकिन, अगर चीन दुर्लभ अर्थ मैगनेट का एक्सपोर्ट रोकता है तो इसका बजाज ऑटो के साथ ही इंडिया में तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ेगा।

दुर्लभ मैगनेट की सप्लाई में चीन की 60% हिस्सेदारी

बजाज ने कहा कि दुनिया में दुर्लभ अर्थ मैगनेट की सप्लाई में चीन की 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा, "Bajaj Auto के कुल उत्पादन में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है। लेकिन, हमारा चेतक स्कूटर 100 फीसदी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स है। अगर चीन अर्थ मैगनेट्स की सप्लाई नहीं करता है तो चेतक के सभी डीलर्स को अपने शोरूम बंद करने होंगे।" बजाज ऑटो के थ्री-व्हीलर्स के उत्पादन में ईवी की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। उन्होंने कहा कि सप्लाई पूरी तरह से बंद करने का फैसला चीन आखिरी उपाय के रूप में लेगा। लेकिन, अगर ऐसा होता है तो इसका बहुत खराब असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

टू-व्लीलर्स इंडस्ट्री कोविड से पहले की स्थिति में आ गई है

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