कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई, पैकेजिंग मैटेरियल और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के बीच साबुन, डिटर्जेंट, बिस्किट, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ और पेय उत्पादों यानि कि बेवरेजेस की कीमतें बढ़ सकती हैं। बढ़ती लागत से रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनियों (FMCG कंपनियां) के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है। इसके चलते वे चरणबद्ध तरीके से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। कंपनियां सामानों की कीमतें पहले ही 3-5 प्रतिशत तक बढ़ा चुकी हैं। FMCG कंपनियों के अधिकारियों ने हालिया तिमाही नतीजों के दौरान संकेत दिया है कि लागत का दबाव जारी रहने पर आगे भी वृद्धि की जा सकती है।
