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और बिगड़ेगा घर का बजट! रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान हो सकता है महंगा; FMCG कंपनियों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी

कंपनियां लागत कम करने के लिए छूट और प्रचार खर्चों में कटौती, इनवेंट्री मैनेजमेंट को मजबूत करने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक कुशल बनाने जैसे कदम उठा रही हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर बढ़ती लागत का कुछ बोझ पड़ने की संभावना है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 10, 2026 पर 3:45 PM
और बिगड़ेगा घर का बजट! रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान हो सकता है महंगा; FMCG कंपनियों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी
FMCG कंपनियां मुनाफा बनाए रखने के लिए या तो कीमतें बढ़ाने या पैकेट बंद उत्पादों में सामान की मात्रा कम करने की रणनीति अपना रही हैं।

कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई, पैकेजिंग मैटेरियल और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के बीच साबुन, डिटर्जेंट, बिस्किट, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ और पेय उत्पादों यानि कि बेवरेजेस की कीमतें बढ़ सकती हैं। बढ़ती लागत से रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनियों (FMCG कंपनियां) के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है। इसके चलते वे चरणबद्ध तरीके से दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। कंपनियां सामानों की कीमतें पहले ही 3-5 प्रतिशत तक बढ़ा चुकी हैं। FMCG कंपनियों के अधिकारियों ने हालिया तिमाही नतीजों के दौरान संकेत दिया है कि लागत का दबाव जारी रहने पर आगे भी वृद्धि की जा सकती है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) प्रभावित हुई है। इससे कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग की लागत बढ़ी है। रुपये में कमजोरी ने भी दबाव बढ़ाया है।

दाम ज्यादा, पैकेट में सामान की मात्रा कम

इसका असर खाने-पीने की चीजों, पर्सनल केयर, बेवरेजेस और घरेलू उपयोग के सामान सहित कई क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है। FMCG कंपनियां मुनाफा बनाए रखने के लिए या तो कीमतें बढ़ाने या पैकेट बंद उत्पादों में सामान की मात्रा कम करने की रणनीति अपना रही हैं। हालांकि 5, 10 और 15 रुपये वाले छोटे पैक बाजार में बनाए रखने की कोशिश की जा रही है ताकि बिक्री पर असर कम पड़े।

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