बैंकों का नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) को आवंटित कर्ज जून महीने में 35.1 फीसदी बढ़कर 14.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। केयर रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जून में एनबीएफसी में बैंकों का क्रेडिट एक्सपोजर सालाना आधार पर 35.1 प्रतिशत बढ़कर 14.2 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिससे संकेत मिलता है कि NBFC की फंड के लिए इंटरनेशनल मार्केट पर निर्भरता कम हुई है।
HDFC का HDFC Bank के मर्जर का क्या होगा असर
संजय अग्रवाल ने आगे कहा कि इसके साथ ही, कुल कर्ज में एनबीएफसी की हिस्सेदारी इस साल जून महीने में बढ़कर 9.9 फीसदी हो गई जबकि साल भर पहले यह 8.5 फीसदी थी। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि HDFC का HDFC Bank में विलय एक जुलाई से प्रभाव में आने से यह हिस्सेदारी कम होगी और बैंकों का एनबीएफसी को कर्ज भी कम होगा। एचडीएफसी का बैंक कर्ज का अस्थायी तौर पर फिर से क्लासिफिकेशन होने पर कर्ज एचडीएफसी बैंक में शिफ्ट हो जाएगा।
म्यूचुअल फंड का भी एनबीएफसी पर बढ़ा निवेश
इस बीच, कमर्शियल पेपर के जरिये म्यूचुअल फंड की तरफ से एनबीएफसी में किया गया निवेश भी जून महीने में 14.5 फीसदी बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों का एनबीएफसी को कर्ज वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही से लगातार बढ़ रहा है। इस वृद्धि को वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 की पहली तिमाही में गति मिली है।