वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार 30 दिसंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB or Public Sector Banks) के प्रमुखों के साथ बैठक की और उनके वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की। इस दौरान वित्त मंत्री ने बैंकों से जनता से जमा जुटाने के लिए इनोवेटिव और आकर्षक डिपॉजिट स्कीम्स लाने को कहा। इससे बैंकों को अधिक ऋण देने में मदद मिलेगी। पिछले कई महीनों से जमा वृद्धि, क्रेडिट वृद्धि के साथ तालमेल नहीं रख रही है, जिससे बैंकों को अपने एसेट्स और देनदारियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए अपनी एफडी दरें बढ़ानी पड़ रही हैं। कुछ बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद कर्ज और जमा वृद्धि के बीच का अंतर अभी भी 3-4 प्रतिशत है।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने बैंकों से बड़े कॉरपोरेट्स के मामले में धोखाधड़ी और विलफुल डिफॉल्ट्स रोकने वाली गतिविधियों पर ध्यान देने को कहा। साथ ही इंडीविजुअल कस्टमर्स के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामले में भी कार्रवाइयों पर ध्यान देने का निर्देश दिया। मंत्री ने बैंकों को एडवांस्ड फ्रॉड प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन मैकेनिज्म अपनाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग प्रैक्टिसेज के बारे में और शिक्षित किया जाए।
सीतारमण ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे जिम्मेदारी भरी लेंडिंग प्रैक्टिसेज सुनिश्चित करने के लिए लोन देने से पहले अच्छे से जांच पड़ताल करें। उन्होंने धोखाधड़ी और विलफुल डिफॉल्ट में मिले हुए अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्रदर्शन के मोर्चे पर, पीएसयू बैंकों ने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान लगभग 68,500 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। शेडयूल्ड कमर्शियल बैंकों (एससीबी) का ग्रॉस एनपीए रेशियो मार्च 2023 के अंत में एक दशक के निचले स्तर 3.9 प्रतिशत और सितंबर में 3.2 प्रतिशत तक गिर गया।
बैठक के दौरान साइबर सुरक्षा से संबंधित चिंताओं और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े जोखिमों पर चर्चा हुई। साथ ही राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी लिमिटेड (NARCL) की प्रगति पर भी चर्चा हुई। आम बजट 2024-25 को पेश करने और अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले यह संभवतः आखिरी पूर्ण समीक्षा बैठक है।