टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने 4जी में निवेश करना अब बंद कर दिया है और इसका पूरा का पूरा फोकस अब सिर्फ 5जी पर है। इसके अलावा कंपनी का कहना है कि टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ में बढ़ोतरी की जरूरत है यानी कि मोबाइल रिचार्ज महंगा हो सकता है। चौथी तिमाही के नतीजों के बाद एक निवेशक सम्मेलन में भारती एयरटेल के सीईओ गोपाल वित्तल ने वोडा आइडिया (Voda Idea) के निवेश जुटाने पर खुशी जताई और बधाई दी है। एयरटेल के सीईओ गोपाल वित्तल ने कहा कि देश में तीन टेलीकॉम कंपनियां रहेंगी तो बेहतर तरीके से लोगों को टेलीकॉम सर्विसेज मिल सकेगी।
Bharti Airtel की क्या है स्ट्रैटेजी
एयरटेल का कहना है कि वह उन क्षेत्रों में निवेश करना चाहती है जहां उसकी बाजार हिस्सेदारी कमजोर है। कंपनी ने कहा कि घरों में ब्रॉडबैंड की पहुंच अभी भी केवल 40 फीसदी है, लेकिन यह बढ़ रही है। कंपनी के सीईओ गोपाल विट्टल ने कहा कि 4जी में निवेश बंद कर दिए गए हैं और अब पूरा फोकस सिर्फ 5जी सर्विसेज पर है। एयरटेल ने 5जी को 'फ्यूचर-प्रूफ' तकनीक कहा है। इसके अलावा सीईओ ने कहा कि पोस्टपेड, बी2बी और होम सर्विसेज पर काम करने की जरूरत है।
टैरिफ में बढ़ोतरी के बाद भी रहेगा दुनिया में सबसे सस्ता
एयरटेल ने निवेशकों से कहा कि टैरिफ में बदलाव की जरूरत है। सीईओ गोपाल ने कहा कि अभी कंपनी के लिए ARPU (प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू) लेवल 200 रुपये से अधिक है, जबकि सही स्तर 300 रुपये होना चाहिए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि 300 रुपये के लेवल पर पहुंचने के बाद भी यह दुनिया में सबसे कम होगा। पिछले दो साल में दो बार टैरिफ में बदलाव हुए हैं लेकिन एयरटेल के मुताबिक बाकी देशों के मुकाबले यहां मामूली बढ़ोतरी ही हुई। एयरटेल के सीईओ ने निवेशकों से कहा कि भारत में अनलिमिटेड प्लान के चलते जो लोग अधिक पेमेंट कर सकते हैं, वे भी सस्ते में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।