Crypto Ban in Political Funding: कनाडा सरकार ने चुनावी फंडिंग में बिटकॉइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाया है। इससे पहले यूके में ऐसा हो चुका है। अब कनाडा सरकार ने भी 26 मार्च को Bill C-25 (Strong and Free Elections Act),पेश किया। क्रिप्टो से जुड़े न्यूज प्लेटफॉर्म कॉइनडेस्क की रिपोर्ट के मुताबिक यह बिल बिटकॉइन समेत अन्य किसी भी क्रिप्टो एसेट्स में चुनावी फंडिंग पर रोक लगाएगा। साथ ही इसके जरिए मनी ऑर्डर और प्रीपेड पेमेंट प्रोडक्ट्स पर भी बैन लगाया जाएगा। खास बात ये है कि यह प्रतिबंध पूरे राजनीतिक सिस्टम पर लागू होगा यानी कि इसके दायरे में राजनीतिक दल, उम्मीदवार, लीडरशिप और पर्चा भरने वाले कैंडिडेट्स, और चुनावी विज्ञापन करने वाले थर्ड-पार्टी ग्रुप आएंगे।
क्यों हो रही क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन की तैयारी?
बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसीज के रूप में पॉलिटिकल फंडिंग पर बैन लगाने की तैयारी इसलिए हो रही है क्योंकि ये फंडिंग के ऐसे तरीके हैं, जिन्हें ट्रेस करना काफी कठिन होता है और इसके जरिए विदेशी फंडिंग छिपाई जा सकती है। कनाडा सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब हाल ही में यूके सरकार ने भी राजनीतिक पार्टियों को क्रिप्टो फंडिंग पर तत्काल रोक का ऐलान किया। यूके सरकार का कहना है कि ब्रिटिश राजनीति में डिजिटल एसेट्स का इस्तेमाल विदेशी पैसों के स्रोत को छिपाने के लिए किया जा सकता है।
वर्ष 2019 से कनाडा में मिली हुई है क्रिप्टो में चुनावी फंडिंग
कनाडा ने साल 2019 से क्रिप्टो डोनेशन की अनुमति दी हुई है। इसे प्रॉपर्टी के समान नॉन-मॉनीटरी कांट्रिब्यूशंस की कैटेगरी में रखा गया है। हालांकि किसी भी बड़ी राजनीतिक पार्टी ने सार्वजनिक तौर पर क्रिप्टो के रूप में चंदा नहीं लिया और साल 2021 या साल 2025 के चुनावों में किसी भी क्रिप्टो फंडिंग का खुलासा नहीं किया।
वर्ष 2019 के फ्रेमवर्क के तहत फंडिंग पर टैक्स रिसीट्स नहीं मिलता था जो एक ऐसे सिस्टम में एक बड़ी दिक्कत थी जिसमें डोनर्स नियमित रूप से कर छूट का दावा करते हैं। $200 से अधिक का डोनेशन करने वालों को सार्वजिनक तौर पर अपने नाम और पता का खुलासा करना होता था। क्रिप्टो फंडिंग के तहत पब्लिक ब्लॉकचेन वाली क्रिप्टो को ही दिया जा सकता था, मोनेरो या जेडकैश जैसी प्राइवेसी कॉइन को इससे बाहर रखा गया था। कैंडिडेट्स को खर्च करने से पहले अपनी होल्डिंग्स को फिएट मुद्रा में बदलना पड़ता था।
इन प्रावधानों के बावजूद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को इस व्यवस्था से लगातार दिक्कत आ रही थी। जून 2022 में चुनाव के रिजल्ट आने के बाद सीईओ ने क्रिप्टो फंडिंग को लेकर नियमों को सख्त करने की सिफारिश की ती जैसे कि $200 या इससे कम कांट्रिब्यूशंस को शून्य मानने वाले प्रावधान को हटाने की मांग थी। हालांकि नवंबर 2024 तक सीईओ नियम सख्त करने की बजाय इस पर रोक लगाने की सिफारिश करने लगे क्योंकि उनका कहना है कि चंदा किसने दिया, इसकी पहचान सैद्धांतिक तौर पर मुश्किल है।