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Bitcoin इस कारण पहुंचा रिकॉर्ड ऊंचाई पर, भारतीय निवेशक ऐसे उठा सकते हैं फायदा

Crypto News: मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन (BitCoin) पहली बार 72 हजार डॉलर के पार पहुंच गया। सिर्फ यहीं नहीं, यह 73 हजार डॉलर के काफी करीब भी पहुंच गया और लेवल से सिर्फ 150 डॉलर दूर रहा। बिटक्वॉइन में इस तेजी की वजह लंदन स्टॉक एक्सचेंज का एक ऐलान रहा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 12, 2024 पर 3:58 PM
Bitcoin इस कारण पहुंचा रिकॉर्ड ऊंचाई पर, भारतीय निवेशक ऐसे उठा सकते हैं फायदा
क्रिप्टो इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मुद्रेक्स ने 11 मार्च को भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी बिटक्वॉइन ईटीएफ पेश किया जिसके तहत न्यूनतम 5 हजार डॉलर और अधिकतम 2.50 लाख डॉलर निवेश कर सकते हैं।

मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन (BitCoin) पहली बार 72 हजार डॉलर के पार पहुंच गया। सिर्फ यहीं नहीं, यह 73 हजार डॉलर के काफी करीब भी पहुंच गया और लेवल से सिर्फ 150 डॉलर दूर रहा। बिटक्वॉइन में इस तेजी की वजह लंदन स्टॉक एक्सचेंज का एक ऐलान रहा जिसके तहत अब यह इस साल की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून 2024 में बिटक्वॉइन और एथेरियम के एक्सचेंज ट्रेडेड नोट्स (ETNs) को स्वीकार करेगा। इसने बिटक्वॉइन के भाव में ऐसी चाबी भरी है कि यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वैसे इसके भाव में एक महीने से अधिक समय से काफी तेजी है।

क्यों तेजी से बढ़ रही BitCoin की चमक

इस साल बिटक्वॉइन में जो तेजी आ रही है, उसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने इसका ईटीएफ (BitCoin ETF) लाने की मंजूरी दे दी। इसके बाद ब्लैकरॉक, वैनगार्ड, वाल्कीरी, वानेक और फिडेलिटी जैसे अहम वित्तीय संस्थानों ने अपने ईटीएफ लॉन्च किए। क्रिप्टो रिसर्च फर्म CREBACO की एक रिपोर्ट के अनुसार इन ETF के जरिए बिटकॉइन में इंस्टीट्यूशनल निवेश 4100 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है जिसमें से एक बड़ा हिस्सा तो पिछले दो महीनों में आया। क्वॉइस्विच वेंचर्स के इनवेस्टमेंट्स लीड पार्थ चतुर्वेदी के मुताबिक ईटीएफ आने के बाद ब्लैकरॉक के IBIT का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 1200 करोड़ डॉलर और फिडेलिटी के FBTC का 750 करोड़ डॉलर बढ़ गया।

बिटक्वॉइन की महंगाई ने बढ़ाई दूसरे क्रिप्टो की चमक

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