दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन में लगातार चौथे दिन गिरावट रही। क्रिप्टो मार्केट में ऐसे समय में बिकवाली का दबाव दिख रहा जब स्टॉक मार्कट में खरीदारी का जोरादर रुझान है। चूंकि बिटक्वॉन का आधे से अधिक क्रिप्टो मार्केट पर कब्जा है तो इसकी गिरावट का असर बाकी क्रिप्टो पर पर भी दिखता है। बिटक्वॉइन टूटकर 55 हजार डॉलर के नीचे आ गया है तो ऐथर और एक्सआरपी में भी तेज गिरावट है। बिटक्वॉइन पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के चलते भी दबाव है। इसकी वजह ये है कि अमेरिका में इस समय अगले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर काफी गहमा-गहमी है और राजनीतक तौर पर काफी उठा-पटक दिख रही है।
