हाल में 3,000 किलोमीटर का सफर करके पुडुचेरी पहुंचे नौ लोगों के एक समूह को तगड़ा झटका लगा। उन्होंने पाया कि उन्होंने ओयो (OYO) पर जो कमरे बुक कराए थे, उनका अस्तित्व ही नहीं है। ग्रुप के एक मेंबर अभिशांत पंत अपने इस खराब अनुभव को लेकर लिंक्डइन पर एक लंबी पोस्ट लिखी और प्रॉपर्टी से जुड़ा एक छोटा वीडियो भी शेयर किया।
होटल की जगह मिला सुनसान इलाका
ग्रुप ने ओयो 74612 रॉयल प्लाजा बोर्डिंग एंड लॉजिंग (OYO 74612 Royal Plaza Boarding and Lodging) में कमरे बुक कराए थे। लेकिन जब 24 दिसंबर की रात को वे पहुंचे थे तो उन्होंने पाया कि वह जंगली झाड़ियों से युक्त सुनसान इलाका था। पंत ने दावा किया कि जब उन्होंने ओयो की कस्टमर सर्विस पर कॉल की तो उन्हें बताया गया कि ग्रुप के लिए किसी अन्य लॉजिंग की व्यवस्था नहीं की जा सकती है। लेकिन जब उन्होंने खुद जांच की तो पाया कि वहां 50 से ज्यादा प्रॉपर्टीज उपलब्ध थीं।
कस्टमर सर्विस एजेंटे के पास नहीं था समाधान
पंत ने अपनी पोस्ट में लिखा, “स्पष्ट है कि वह (कस्टमर सर्विस एजेंड) हमारी मदद करने में सक्षम नहीं थी और न ही उसके पास कोई समाधान था।” उन्होंने शिकायत की कि कस्टमर सर्विस रिप्रिजेंटेटिव को रात में सुनसान इलाके में फंसे ग्रुप की कोई चिंता नहीं थी, जिसमें दो महिलाएं भी थीं।
पंत ने कहा, “जब मैंने बार बार अनुरोध किया तो कस्टमर सर्विस एजेंट ने कहा कि कृपया मेकमाइट्रिप की सर्विस ले लीजिए, हम कुछ भी नहीं कर सकते। दूसरी तरफ मौजूद लेडी बार-बार यही कह रही थी कि वह क्वालिटी चेक टीम के पास मेल भेजेगी लेकिन उसके पास उस समय कोई समाधान नहीं था।”
दूसरे होटलों को करनी पड़ी कॉल
पंत ने कहा कि वह और उनके साथियों को रात में रुकने का ठिकाना खोजने के लिए दूसरे होटलों को कई कॉल करनी पड़ी। पंत ने कहा, “आखिरकार हमें हेरिटेज टाउन में एक रात के लिए होटल कोरबेली में ठिकाना मिला और फिर अगले दिन हमें दूसरी जगह खोजनी थी। गौर कीजिए, क्रिसमस वीकेंड होने के कारण लास्ट मिनट होटल बुकिंग के लिए दोगुनी कीमत देनी पड़ रही थी।”
कस्टमर बीते एक साल से कर रहे थे शिकायत
इस घटना के बाद, पंत ने पाया कि कस्टमर्स पिछले एक साल से होटल के नहीं होने की शिकायत कर रहे थे। पंत ने कहा, “रितेश (ओयो फाउंडर रितेश अग्रवाल) आपका ऑर्गनाइजेशन अभी तक होटल को लिस्टिंग पर रखे हुए है। यदि आपने इसकी चिंता की होती तो आप हमारी तरफ से अनावश्यक पीड़ा से बच जाते। सबसे बद्तर बात यह है कि यह स्थान सुनसान है और भगवान न करे कहीं हम लुट गए होते।” उन्होंने कहा कि वह ओयो के खिलाफ एक शिकायत फाइल करेंगे।
ओयो के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया) रोहित कपूर ने पंत द्वारा लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा करने के कुछ देर बाद ही पंत से माफी मांगी। कपूर ने पंत की पोस्ट पर एक कमेंट में कहा, “यह हमारे स्टैंडर्ड्स के अनुरूप नहीं है और हम आपके अनुभव के साथ-साथ व्यवस्थित परिवर्तन के लिए गहन जांच करा रहे हैं।” कपूर ने पंत से अपनी लोकेशन मैसेज करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “मैं इसके समाधान और आपके अनुभव से सीखने के लिए आपके संपर्क में रहूंगा। रितेश ने मुझे इस मसले पर सीधे मैसेज किया है।”