बजट 2023- महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ रही है ऐसे में बजट से महिलाओं की क्या उम्मीदें हैं। आइए डालते है विस्तार से एक नजर। महिला कारोबारियों की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से मांग है कि महिलाओं के लिए जितनी योजना है, उसमें केटेगरी नहीं होनी चाहिए। सभी महिला को समान रूप से देखना चाहिए। योजना जितनी भी महिलाओं के लिए है उनके प्रचार प्रसार के लिए फंड होने चाहिए। तब जाकर महिला को पता चलेगा कि उनके लिए सरकार ने क्या-क्या योजना रखी है।
महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए जो प्लॉट आवंटित होते हैं, वह शहर से बहुत दूर नहीं होने चाहिए। अगर नजदीक में कहीं प्लॉट मिलता है तो अपना घर और बिजनेस दोनों संभाल सकती है। एमएसएमई में महिलाओं के लिए जितनी योजना है उसमें महिलाओं को एक समान सहाय मिलनी चाहिए।
निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा के लिए बजट तो दिया लेकिन वह इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हर महिला सुरक्षित रूप से पूरे देश में घूम सके उसका अमल हो।
टैक्स स्लैब में महिलाओं के लिए 10 लाख तक कर दिया जाए। अब महिलाएं सिर्फ पापड़ और गृह उद्योग तक सीमित नहीं रही है। गारमेंट में सिंगल GST टैक्स हो। अभी अलग-अलग जीएसटी स्लैब को दूर करना चाहिए।