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Budget 2025: बजट से पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी? जानें क्यों जरूरी है पुरानी परंपरा

Budget 2025: सरकार 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करेगी। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। सरकार के पहले फुल बजट से आम लोगों को काफी उम्मीदें हैं। बजट से पहले एक खास सेरेमनी होना एक पुरानी परंपरा है। इस परंपरा का नाम हलवा सेरेमनी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 29, 2024 पर 7:10 AM
Budget 2025: बजट से पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी? जानें क्यों जरूरी है पुरानी परंपरा
Union Budget: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण हलवा सेरेमनी के दौरान अपने सहकर्मियों के साथ। (फाइल फोटो)

Budget 2025: सरकार 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करेगी। ये मोदी सरकार के तीसरे टर्म का पहला पूर्ण बजट होगा। सरकार के पहले फुल बजट से आम लोगों को काफी उम्मीदें हैं। बजट से पहले एक खास सेरेमनी होना एक पुरानी परंपरा है। इस परंपरा का नाम हलवा सेरेमनी है। हर साल केंद्रीय बजट से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। हलवा सेरेमनी वित्त मंत्रालय की एक खास परंपरा है, जिसमें बजट प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में हलवा बनाया और बांटा जाता है।

हलवा सेरेमनी का महत्व

भारत में किसी भी बड़े काम से पहले मुंह मीठा करने की परंपरा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए हलवा सेरेमनी की शुरुआत हुई। इस समारोह में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद हलवा सेरेमनी के दौरान मौजूद होती हैं। वह अपने सभी सहकर्मियों के साथ हलवा सेरेमनी में हिस्सा लेती है। हलवा सभी में बांटा जाता है। इसके बाद बजट डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होती है। हलवा सेरेमनी केवल एक परंपरा नहीं बल्कि बजट प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक है।

क्या है बजट से जुड़ी पुरानी परंपरा

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