Budget Expectation 2022: 1 फरवरी 2022 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। बजट में अपनी उम्मीदों का पिटारा सभी सेक्टर्स के कारोबारी अलग-अलग माध्यमों से वित्तमंत्री को भेज रहे हैं। कारोबारी बजट से उम्मीद कर रहे हैं कि वह ऐसा हो जो कोविड-19 की तीसरी लहर के समय अर्थव्यवस्था को बूस्ट दे और कारोबार को बढ़ाने में मदद करें। एक्सपोर्ट और MSME सेक्टर की इन्हीं डिमांड को लेकर मनीकंट्रोल डॉट कॉम हिंदी को रियल एस्टेट कंन्सलटेंट फर्म ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने की जरूरत है।
ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि अभी होम लोन के मूल को इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है। दरअसल, 80सी के तहत कई सारे निवेश विकल्प होते हैं जिनपर छूट मिलती है। इसकी मैक्सिम लिमिट 1.50 लाख रुपये है। ये सीमा सरकार ने लंबे समय से नहीं बढ़ाई है। अब सरकार को इस बार इस लिमिट को बढ़ाना चाहिए। ऐसा होने से प्रॉपर्टी की सेल में इजाफा होगा।
रियल एस्टेट कंन्सलटेंट फर्म ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी
उनका मानना है कि होम लोन के मूलधन पर छूट का अलग सेक्शन बनना चाहिए। सरकार को 80सी के तहत होम लोन के मूल भुगतान पर 1.50 लाख रुपये की अलग से कटौती की इजाजत देनी चाहिए। अभी धारा 80सी पीएफ, पीपीएफ और जीवन बीमा पॉलिसियों सहित कई निवेश पर छूट देता है। मध्यम वर्ग के लिए निवेश के बाद होम लोन के मूल पर छूट के लिए 80सी में बहुत सारे विकल्प हैं। अगर ये 80 सी अलग होता है तो लोगों की रूचि घर खरीदने और टैक्स बचाने में अधिक रहेगी।
होम लोन पर मौजूदा ब्याज दरें सालाना 7 फीसदी से कम हैं, लेकिन फिर भी 30 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज लेने वाला व्यक्ति शुरुआती सालों में चुकाए गए पूरे ब्याज पर कटौती का दावा नहीं कर पाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि अधिनियम की धारा 24 (बी) के तहत ब्याज दर में कटौती के खिलाफ प्रति वर्ष 2 लाख रुपये की सीमा है। पुरी कहते हैं कि हाउसिंग लोन की ब्याज दरों पर 2 लाख रुपये की टैक्स छूट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये किये जाने की जरूरत है। इससे प्रॉपर्टी बाजार में तेजी आएगी।
(रियल एस्टेट कंन्सलटेंट फर्म ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी से बातचीत के अंश)