Budget 2022: सरकार ने अप्रैल से शुरू होने जा रहे अगले वित्त वर्ष के लिए 65,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य (disinvestment receipts) तय किया है, जो वर्तमान वर्ष में 78,000 करोड़ रुपये की अनुमानित प्राप्तियों से कम है। वर्तमान वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए सरकार ने 1.75 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य तय किया था।
एयर इंडिया का हुआ विनिवेश
अभी तक सरकार पीएसयू विनिवेश और रणनीतिक बिक्री के जरिये 12,030 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इसमें एयर इंडिया के निजीकरण से मिले 2,700 करोड़ रुपये और विभिन्न सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेस (सीपीएसई) में माइनॉरिटी स्टेक सेल के जरिये मिले 9,330 करोड़ रुपये शामिल हैं।
चालू वित्त वर्ष के दौरान लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) के रूप में बड़े विनेवेश पर काम जारी है, इसके अलावा बीपीसीएल, शिपिंग कॉर्प, कंटेनर कॉर्प, आरआईएनएल और पवन हंस का भी विनिवेश किया जाना है।
एलआईसी के आईपीओ पर कही यह बात
इससे पहले बजट भाषण 2022 के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया (Air India) की बिक्री पूरी कर ली है और ओडिशा बेस्ड नीलाचल इस्पात के लिए आई बिड्स को फाइनल कर दिया है। उन्होंने कहा कि बीते साल के बजट में घोषित विनिवेश योजनाओं पर खासी प्रगति हासिल हो चुकी है। साथ ही सीतारमण ने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) का मेगा पब्लिक ऑफर "जल्द" आने की उम्मीद है।
FY22 में था 1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य
पिछले साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिस्कल ईयर 2021-22 के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का टारगेट रखा था। इसमें से 1 लाख करोड़ रुपए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में सरकारी हिस्सेदारी बेचकर जुटाने की योजना थी। जबकि 75,000 करोड़ रुपए CPSE के विनिवेश से हासिल करने थे।
पिछले साल बजट में निर्मला सीतारमण ने कहा था कि दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी का निजीकरण किया जाएगा। इसी बजट में वित्त मंत्री ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के IPO लाने का ऐलान किया गया था।
सरकार LIC का IPO मार्च तक लाने की तैयारी में है जिससे दो साल के विनिवेश के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
वित्त मंत्री ने ये भी कहा था कि BPCL, एयर इंडिया, IDBI बैंक, शिपिंग कॉरपोरेशन, नीलाचल इस्पात निगम लि. कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, BEML पवन हंस और अन्य कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा। इनमें से एयर इंडिया को निजी कंपनी के हाथ में देने का टारगेट पूरा हो चुका है। सरकार ने 18,000 करोड़ रुपए में एयर इंडिया टाटा ग्रुप को दे दिया है। यह डील 27 जनवरी 2022 को पूरी हुई।