टू व्हीलर्स (Two Wheelers) पर जीएसटी (Goods and Services Tax) घटने से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल, ऑटो डीलर्स के एसोसिएशन ने सरकार से दोपहियों पर जीएसटी (GST) की दर घटाकर 18 फीसदी करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे आम आदमी को राहत मिलेगी। साथ ही ऑटो इंडस्ट्री में भी डिमांड बढ़ेगी।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की दलील है कि टूव्हीलर्स लग्जरी आइटम नहीं है। इसलिए इस पर जीएसटी घटाने की जरूरत है। अभी टूव्हीलर्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। अगर सरकार इसे घटाकर 18 फीसदी करती है तो इससे टूव्हीलर्स की कीमत में कमी आएगी।
बड़ी संख्या में लोग ऑफिस आनेजाने और दूसरे कामकाज के लिए टूव्हीलर्स का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इसके दाम में कमी आने से लोगों को फायदा होगा। साथ ही दोपहियों की बिक्री बढ़ने से ऑटो कंपनियों को भी फायदा होगा। फाडा ने सोमवार को बताया, "हमने टूव्हीलर्स पर जीएसटी रेट को घटाकर 18 फीसदी करने की गुजारिश वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) से की है।"
फाडा ने यह भी कहा है कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने और कुछ दूसरी वजहों से टूव्हीर्स की कीमतें 3 से 4 महीने के बाद फिर से बढ़ रही हैं। ऐसे में अगर जीएसटी के रेट में कमी आती है तो कीमतों में वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। फाडा की दलील है कि अभी यूज्ड कार पर 12 फीसदी और 18 फीसदी जीएसटी लगता है। यह दोपहियों पर लगने वाले टैक्स से कम है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। वह फाडा की गुजारिश को ध्यान में रख दपहियों पर जीएसटी घटाने का फैसला ले सकती हैं। इससे बजाज, हीरो मोटो, टीवीएस, होंडा जैसी दोपहिया बनाने वाली कंपनियों को भी फायदा होगा। पिछले दो साल से ऑटो इंडस्ट्री पर कोरोना की महामारी की मार पड़ी है। धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में दाम घटने से दोपहियों की मांग बढ़ सकती है।