Budget 2022: क्रिप्टोकरेंसी पर क्यों लगा 30% टैक्स, क्या इसे सट्टेबाजी मान रही सरकार? जानिए पूरी डिटेल

Union Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आम बजट पेश करते हुए बिटकॉइन और एथेरियम जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लेनदेन पर टैक्स लगाने का ऐलान किया

अपडेटेड Feb 01, 2022 पर 2:43 PM
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया

Budget 2022-23: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को बिटकॉइन (Bitcoin) और एथेरियम (Ethereum) जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लेनदेन पर टैक्स लगाने का ऐलान किया। इसे आप एक तरह से 'क्रिप्टोकरेंसी टैक्स (cryptocurrency tax)' भी कह सकते हैं। बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी खुद की डिजिटल करेंसी भी जल्द ही लॉन्च करेगा।

निर्मला सीतारमण के ऐलान के साथ क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें भी बंद हो गई है, जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगा सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रासंफर से होने वाली आय पर 30% टैक्स लगेगा। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि डिजिटल एसेट्स की बिक्री से होने वाले नुकसान की भरपाई अन्य आय से नहीं की जा सकती है।

क्रिप्टोकरेंसी में भारतीयों के जमा हैं 40,000 करोड़

क्रिप्टो इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, देश में करीब 1.5 से 2 करोड़ क्रिप्टो इनवेस्टर्स होने का अनुमान है, जिनकी कुल क्रिप्टो होल्डिंग्स करीब 40,000 करोड़ रुपये (5.37 अरब डॉलर) है। बता दें भारतीय क्रिप्टो इंडस्ट्री के आकार को लेकर कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है।


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आइए जानतें हैं क्रिप्टोकरेंसी पर लगाए गए इस टैक्स का निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा और इसके क्या मायने हैं-

- वित मंत्री ने अपने बजट में कहा, "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से जुड़े ट्रांजैक्शन में असाधार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि स्पेशल टैक्स सिस्टम को लागू किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, मैं यह प्रस्ताव करती हूं कि किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफर से होने वाली आय पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लिया जाएगा।"

- यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें इक्विटी मार्केट की तरह किसी भी तरह के शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर अलग-अलग तरह के टैक्स का प्रावधान नहीं है। आप क्रिप्टोकरेंसी तुरंत बेचे या कुछ साल के बाद, उससे होने वाली कुल आय पर आपको 30 फीसदा का टैक्स देना होगा।

- बता दें कि लॉटरी, गेम शो, क्विज आदि से हासिल होने वाली आय भी 30 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाता है और सरकार ने क्रिप्टो से होने वाली आय पर भी इसी दर पर टैक्स लेने का फैसला किया है।

- इसके अलावा वित्त मंत्री ने वर्चुअल एसेट्स के ट्रांसफर पर एक निश्चित सीमा से अधिक किए पेमेंट्स पर 1 फीसदी टीडीएस लगाने का ऐलान किया है।

- साथ ही गिफ्ट के रूप में प्राप्त हुए वर्चुअल डिजिटल एसेट भी टैक्स के दायरे में आएंगे और प्राप्तकर्ता को टैक्स देना होगा।

- वित्त मंत्री ने कहा कि एक्विजिशन की लागत के अलावा वर्चुअल एसेट पर खर्च होने वाली किसी भी तरह के रकम पर कोई डिडक्शन नहीं मिलेगा। ना ही इसे किसी दूसरे आय में हुए नुकसान के मुकाबले भरपाई के रूप में दिखाया जा सकता है।

एक टैक्स एक्सपर्ट ने बताया, "सरकार ने वर्चुअल एसेट्स पर टैक्स लगाकर क्रिप्टोकरेंसी के लिए देश में एक तरह से राह साफ कर दी है। साथ ही यह इस कानूनी मान्यता देने का भी इशारा है। इससे क्रिप्टो इंडस्ट्री में निवेशकों और एक्सचेंजों का सेंटीमेंट मजबूत होगा। हालांकि सरकार ने अभी जो टैक्स प्रस्ताव रखा है, वह थोड़ा कड़ा है। यह बताता है कि सरकार अभी भी इसे मोटेतौर पर सट्टेबाजी से होने वाली आय के तौर पर देख रही है। उम्मीद है कि आने वाले समय में इसमें धीरे-धीरे बदलाव आएगा।"

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