Budget 2023: वित्त वर्ष 2024 के लिए 75000 करोड़ रुपए रह सकता है विनिवेश लक्ष्य, 6 कंपनियों में हो सकती है हिस्सा बिक्री

Budget 2023: बैंकिंग सेक्टर इस समय बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। देश में घरेलू मांग में मजबूती है। आगे क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बने रहने की संभावना है। बैंकों के पास क्रेडिट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त SLR है। बैंकों के NPA इस समय निम्नतम स्तर पर नजर आ रहे हैं

अपडेटेड Jan 31, 2023 पर 1:55 PM
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Budget 2023: पैसेंजर और मालभाड़े दोनों नजरिए से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास की भारी जरूरत है। ऐसे में हमें रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार की तरफ से और निजी निवेशकों की तरफ से भी भारी निवेश आता दिखेगा

हमारा मानना है कि वित्तवर्ष 2024 में स्थितियां सुधरती दिखेंगी ऐसे में सरकार अपना विनिवेश लक्ष्य (divestment target) 75000 करोड़ रुपए रख सकती है। एयर इंडिया (Air India) की बिक्री ने सरकार की ये मंशा एकदम साफ कर दी है कि वो देश की तमाम सरकारी कंपनियों पर से अपना कंट्रोल खत्म करना चाहती है। अब आगे हमें आईडीबीआई बैंक ( IDBI Bank),कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Container Corporation of India),बीपीसीएल (BPCL),बीईएमएल (BEML),शिपिंग कॉरपोरेशन और एनएमडीसी जैसी कंपनी की विनिवेश देखने को मिल सकता है। ये बातें इक्विरस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग के को-हेड अजीत देश मुख ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।

 यूएस फेड ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है

एक फरवरी को अमेरिका में होने वाली FOMC की बैठक के फैसले पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 1 फरवरी को यूएस फेड ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।


बजट में फिस्कल कंसोलीडेशन के साथ ग्रोथ बढ़ाने पर रहेगा फोकस

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि पिछला साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बजट एक ऐसा इवेंट है। जिसमें हमें इकोनॉमी में नई उम्मीदों और ग्रोथ से जुड़े ऐलानों की उम्मीद रहती है। इस बजट में भी हमें वित्त मंत्री इन्हीं मुद्दों पर फोकस करती नजर आ सकती हैं। इस बजट में फिस्कल कंसोलीडेशन के साथ ग्रोथ बढ़ाने पर फोकस रह सकता है।

बैंकिंग सेक्टर लग रहा अच्छा

क्या आपको लगता है कि इस समय बैंक सेक्टर निवेश के लिहाज से अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर इस समय बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। देश में घरेलू मांग में मजबूती है। आगे क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बने रहने की संभावना है। बैंकों के पास क्रेडिट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त SLR है। बैंकों के NPA इस समय निम्नतम स्तर पर नजर आ रहे हैं। इसका मतलब ये है कि देश की ग्रोथ स्टोरी में भाग लेने के लिए बैंकों के पास पर्याप्त पैसा है।

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रेलवे स्टॉक्स में आएगी तेजी

रेलवे सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पैसेंजर और मालभाड़े दोनों नजरिए से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में विकास की भारी जरूरत है। ऐसे में हमें रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार की तरफ से और निजी निवेशकों की तरफ से भी भारी निवेश आता दिखेगा। ऐसे में रेलवे स्टॉक हमें तेजी पकड़ते नजर आ सकते हैं।

 

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