Budget 2023: पांच सेक्टर्स को बजट में मिल सकती है सबसे ज्यादा अहमियत, बाजार के लिए किसी निगेटिव ऐलान की आशंका नहीं

Budget 2023:भारतीय शेयर बाजार विश्व स्तर पर सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले इक्विटी बाजारों में से एक रहे हैं। आनंद राठी का मानना है कि केंद्रीय बजट में ऐसी किसी भी बड़ी नकारात्मक घोषणा की उम्मीद नहीं है जो शेयर बाजार के सेंटीमेंट को खराब कर सकती है

अपडेटेड Jan 28, 2023 पर 1:29 PM
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Budget 2023: आनंद राठी की राय है कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया में महंगाई अब अपने पीक पर पहुंच कर ठंडी पड़ रही है। बढ़ती महंगाई का दौर अब बीत चुका है

Budget 2023: आनंद राठी ग्रुप के चेयरमैन आनंद राठी का मानना है कि 1 फरवरी को आने वाले एनुएल बजट में PLI स्कीम को मजबूती देने, दूसरे सेक्टरों में इसको विस्तार देने और इसके लिए होने वाले धन के आबंटन को बढ़ाने जैसे फैसले लिए जा सकते हैं। उनका ये भी मानना है कि इस बजट में वैकल्पिक ऊर्जा, हाई-टेक इंडस्ट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल टेक्नोलॉजी और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर भी फोकस होगा। आनंद राठी की राय है कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया में महंगाई अब अपने पीक पर पहुंच कर ठंडी पड़ रही है। बढ़ती महंगाई का दौर अब बीत चुका है। उनका मानना है कि कैलेंडर ईयर 2023 में महंगाई की दर अनुमान से कम रहेगी।

मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि यूएस फेड और आरबीआई तब तक ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे जबतक 2023 की ग्रोथ रेट अनुमान से कम नहीं हो जाती।

हाल के सालों में, पीएलआई (उत्पादन से जुड़ा इनसेंटिव) स्कीम सबसे इनोवेटिव इंडस्ट्रियल पॉलीसीज में से एक रही है। इस स्कीम का उद्देश्य भारत को एक ग्लोबल मैन्यूफैक्टरिंग हब में बदलना है जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मांगो को पूरा करने में सक्षम हो। इस स्कीम के जरिए सरकार कुछ सेक्टर्स में उच्च उत्पादन लागत (जैसे ऊर्जा, ब्याज दर, परिवहन और दूसरे ऑपरेटिंग कॉस्ट) के लिए भारतीय उत्पादकों को क्षतिपूर्ति देनें का प्रयास करती है।


एनुएल बजट में PLI स्कीम को विस्तार देने पर होगा फोकस

उन्होंने आगे कहा कि देश की वर्तमान मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता में सुधार का दीर्घकालिक उपाय देश में प्रोडक्शन की प्रक्रिया में सुधार के लिए किए जाने वाले स्ट्रक्चरल रिफार्म हैं लेकिन शॉर्ट से मीडियम टर्म में देश में मैन्यूफैक्चिरिंग सेक्टर में जोश भरने के लिए PLI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे में आगामी एनुएल बजट में PLI स्कीम को मजबूती देने, दूसरे सेक्टरों में इसको विस्तार देने और इसके लिए होने वाले धन के आबंटन को बढ़ाने जैसे फैसले लिए जा सकते हैं।

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केंद्रीय बजट में बाजार के लिए किसी नकारात्मक घोषणा की उम्मीद नहीं

केंद्रीय बजट में ऐसे संभावित फैक्टर क्या हो सकते हैं जो शेयर बाजार के मूड को खराब कर सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए आनंद राठी ने कहा कि 2016 के बाद से बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार 7 कैलेंडर ईयर में निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। इस अवधि के दौरान, भारतीय शेयर बाजार विश्व स्तर पर सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले इक्विटी बाजारों में से एक रहे हैं। आनंद राठी का मानना है कि केंद्रीय बजट में ऐसी किसी भी बड़ी नकारात्मक घोषणा की उम्मीद नहीं है जो शेयर बाजार के सेंटीमेंट को खराब कर सकती है।

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