Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और ग्रोथ पर बना रहेगा जोर, एक्सपर्ट्स से जानिए किन शेयरों में दिखेगा जोश

Budget 2023: नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर बढ़ते कर्ज को देखते हुए सड़कों के विकास पर सरकार का खर्च सपाट रह सकता है। वित्त वर्ष 2022 में NHAI का कर्ज वित्तवर्ष 2015 के लगभग 242 अरब रुपये से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है

अपडेटेड Jan 26, 2023 पर 8:09 PM
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बाजार जानकारों की नजर रोड मनीटाइजेशन स्कीम पर लगी हुई है। अगर इसको लेकर बजट में कोई ऐलान होता है तो ये बाजार के लिए काफी अहम होगा

DIPTI SHARMA

Budget 2023: 1 फरवरी को आने वाले बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन सरकार के ग्रोथ को बढ़ावा देने को संकल्प पर आगे बढ़ती नजर आएंगी। आगामी बजट में सरकार मैन्यूफैक्चरिंग और इंफ्रा पर फोकस बनाए रखेगी। ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने अपने ग्राहकों को भेजे गए एक नोट में कहा है कि पिछले साल अधिकांश इंडस्ट्रियल कंपनियों के अर्निंग और ऑर्डर फ्लो में जोरदार बढ़त देखने को मिली थी। हालांकि 2023 में ऑर्डर फ्लो ग्रोथ में सुस्ती आ सकती है लेकिन इनका ऑपरेटिंग लीवरेज हमें सरप्राइज कर सकता है।

Jefferies ने इस नोट में आगे कहा है कि वह पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, पीएलआई से जुड़ी कंपनियों और मेटल कंपनियों को लेकर बुलिश है। हालांकि अगर आगामी बजट में इंफ्रा और ग्रोथ पर सरकारी खर्च में कमी के कोई संकेत मिलते हैं तो फिर हमारे लिए जोखिम होगा।


एनालिस्ट्स का मानना है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, ब्रॉड बेस्ड कैपिटल एक्सपेंडीचर और मैन्यूफैक्चरिंग आधारित ग्रोथ पर अपना फोकस बनाए रहेगी। Research and Ranking के फाउंडर और डायरेक्टर मनीष गोयल का कहना है कि आगामी यूनियन बजट में सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विस्तार पर होने वाले निवेश पर बना रहेगा।

इंफ्रा सेक्टर के कुछ स्टॉक्स की री-रेटिंग मुमकिन

जानकारों का ये भी कहना है कि इंफ्रा पर सरकार के फोकस के चलते कंस्ट्रक्शन मटेरियल और इक्विपमेंट के डिमांड में बढ़त देखने को मिली है आगे भी ये बढ़त जारी रहेगी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज का मानना है कि लंबी अवधि में भारत ग्लोबल मार्केट के लिए मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में उभर सकता है। इसने आगे कहा है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां घरेलू और ग्लोबल मांग को पूरा करने के लिए भारत में अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार कर रही हैं। इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। HDFC Securities का कहना है कि महंगाई में आ रही कमी, कमोडिटी की कीमतों में नरमी और ब्याज दरों में बढ़त के दौर के थमने के साथ ही आगे हमें इंफ्रा सेक्टर के कुछ स्टॉक्स की री-रेटिंग देखने को मिल सकती है।

NHAI पर बढ़ते कर्ज के कारण सड़कों के विकास पर होने वाले आबंटन में बढ़त की उम्मीद नहीं

लेकिन जानकारों का ये भी कहना है कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पर बढ़ते कर्ज को देखते हुए सड़कों के विकास पर सरकार का खर्च सपाट रह सकता है। वित्त वर्ष 2022 में NHAI का कर्ज वित्तवर्ष 2015 के लगभग 242 अरब रुपये से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसके बावजूद तमाम मार्केट एक्सपर्ट आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, पीएनसी इंफ्राटेक और केएनआर कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियों को लेकर बुलिश हैं।

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IIFL Securities की टॉप पिक्स

IIFL Securities ने अपने नोट में कहा है कि आगामी बजट में होने वाले आबंटन पर बाजार की नजर बनी रहेगी और ये बजटीय आंबटन संबंधित सेक्टरों के री-रेटिंग में अहम भूमिका निभाएंगे। IIFL Securities की टॉप पिक्स में PNC Infratech, HG Infra,KNR Constructions और Powermech Projects शामिल हैं।

बाजार जानकारों की नजर रोड मनीटाइजेशन स्कीम पर लगी हुई है। अगर इसको लेकर बजट में कोई ऐलान होता है तो ये बाजार के लिए काफी अहम होगा।

 

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