Budget 2023 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2023-24 में आयुष्मान भारत-प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के लिए आवंटन बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये कर दिया है। इस योजना के लिए आवंटन में 12 फीसदी का इजाफा किया गया है। पिछले बजट में इस योजना के लिए 6,412 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के लिए 646 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार 2047 तक भारत में सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए एक मिशन शुरू करेगी।
सीतारमण ने संसद को बताया, "यह जागरूकता पैदा करेगा। इसके तहत, प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में 0-40 वर्ष की आयु के 7 करोड़ लोगों की यूनिवर्सल स्क्रीनिंग और केंद्रीय मंत्रालयों व राज्य सरकारों के कोलैबरेटिव प्रयासों के माध्यम से परामर्श प्रदान किया जाएगा।" FY23 में 86,606 करोड़ रुपये की तुलना में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को 88,956 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी।
वित्त मंत्री द्वारा अपने बजट 2023 के भाषण में की गई कुछ प्रमुख घोषणाएं
1) कोलैबोरेटिव रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए पब्लिक और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज फैकल्टी और प्राइवेट सेक्टर की R&D टीमों द्वारा रिसर्च के लिए चुनिंदा ICMR लैब्स में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
2) फार्मास्यूटिकल्स में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक्सीलेंस सेंटर के माध्यम से एक नया प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। हम स्पेफिक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश करने के लिए इंडस्ट्री को भी प्रोत्साहित करेंगे।
3) भविष्य की मेडिकल टेक्नोलॉजी, हाई एंड मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च के लिए स्किल्ड मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा संस्थानों में मेडिकल डिवाइस के लिए डेडिकेटेड मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्स को सपोर्ट किया जाएगा।
4) 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ को-लोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
क्या है आयुष्मान भारत स्कीम
AB-PMJAY गरीबों के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसकी शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2018 मे की थी। वहीं, अब इस योजना से राज्य सरकारें भी जुड़ गई हैं। इस योजना का उद्धेश्य पात्र लोगों को मुफ्त में इलाज मुहैया करवाना है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत पहले पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं, जिसके बाद कार्डधारक सूचीबद्ध अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का अपना इलाज मुफ्त में करवा सकता है। इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है।