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Budget 2023: पेट्रोल पर GST लगाने और रिन्यूएबल एनर्जी को टैक्स छूट मिली तो बढ़ जाएगी एनर्जी इंडस्ट्री की चमक

Budget 2023: रूस-यूक्रेन लड़ाई की वजह से एनर्जी के ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मार्च में क्रूड का प्राइस 130 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। इससे दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं एनर्जी के अपने स्रोतों पर फिर से विचार करने को मजबूर हो गई हैं

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 15, 2022 पर 5:06 PM
Budget 2023: पेट्रोल पर GST लगाने और रिन्यूएबल एनर्जी को टैक्स छूट मिली तो बढ़ जाएगी एनर्जी इंडस्ट्री की चमक
एनर्जी सेक्टर के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा। फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले से जियोपॉलिटिकल तनाव की स्थिति पैदा हुई। सप्लाई चेन में रुकावट आई।

Budget 2023: अगले यूनियन बजट में अगर एनर्जी इंडस्ट्री की मांग पूरी हुई तो उसकी चमक बढ़ जाएगी। इंडस्ट्री ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को GST के दायरे में लाने की मांग की है। CII का भी मानना है कि सरकार को बजट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने का ऐलान करना चाहिए। साथ ही इलेक्ट्रिसिटी टैरिफ और रियल एस्टेट को भी जीएसटी के तहत लाने की कोशिश होनी चाहिए। जीएसटी घटाने या बढ़ाने के फैसले GST Council लेती है। लेकिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस काउंसिल की प्रमुख हैं, जिससे वह इस बारे में बजट में ऐलान कर सकती है।

एनर्जी सेक्टर के लिए खराब रहा यह साल

FICCI ने कहा है कि जब तक पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के तहत नहीं ला दिया जाता है उत्पाद शुल्क से जुड़े कानूनों में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि इनपुट्स/इनपुट सर्विसेज और कैपिटल गुड्स पर चुकाए गए जीएसटी पर क्रेडिट की इजाजत मिल सके। एनर्जी सेक्टर के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा। फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले से जियोपॉलिटिकल तनाव की स्थिति पैदा हुई। सप्लाई चेन में रुकावट आई। उधर, इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने से अमेरिका और यूरोप पर मंदी का खतरा बढ़ा।

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