Budget 2023: अगले यूनियन बजट में अगर एनर्जी इंडस्ट्री की मांग पूरी हुई तो उसकी चमक बढ़ जाएगी। इंडस्ट्री ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को GST के दायरे में लाने की मांग की है। CII का भी मानना है कि सरकार को बजट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने का ऐलान करना चाहिए। साथ ही इलेक्ट्रिसिटी टैरिफ और रियल एस्टेट को भी जीएसटी के तहत लाने की कोशिश होनी चाहिए। जीएसटी घटाने या बढ़ाने के फैसले GST Council लेती है। लेकिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस काउंसिल की प्रमुख हैं, जिससे वह इस बारे में बजट में ऐलान कर सकती है।
