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Union Budget: एक समय ऐसा भी! जब विवाहित और अविवाहितों के लिए अलग-अलग था इनकम टैक्स स्लैब

Union Budget: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। इस बीच आज हम आपको कुछ ऐसे टैक्स बताएंगे, जो आपको सुनने में अजीब लग सकते हैं। सन 1955-56 में जब बजट पेश किया गया था तो उसमें विवाहित और अविवाहितों के लिए अलग-अलग इनकम टैक्स स्लैब लगाए गए थे। जानिए किसकी सिफारिश पर और क्यों ऐसे नियम बनाए गए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 30, 2023 पर 6:09 PM
Union Budget: एक समय ऐसा भी! जब विवाहित और अविवाहितों के लिए अलग-अलग था इनकम टैक्स स्लैब
तत्कालीन वित्त मंत्री सीडी देशमुख ने योजना आयोग की सिफारिश पर यह कदम उठाया था

Union Budget: इस बार टैक्सपेयर्स को 8 साल बाद राहत मिलने की उम्मीद है। बजट के इस मौसम में हम आपको कई ऐसे टैक्स के बारे में बता रहे हैं जिनकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती है। एक समय ऐसा भी था जब विवाहित और अविवाहितों के लिए अलग-अलग इनकम टैक्स स्लैब था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1955-56 के यूनियन बजट में विवाहित और अविवाहितों के लिए अलग-अलग इनकम टैक्स स्लैब था। उस समय के वित्त मंत्री सीडी देशमुख ने यह बजट पेश किया था। कहा जा रहा है कि फैमिली अलाउंस की स्कीम शुरू करने के लिए यह स्लैब बनाया गया था।

इसी समय पहली बार बजट को हिंदी में छापा गया था। इसके बाद से एनुअल फाइनेंशियल स्‍टेटमेंट का हिंदी वर्जन और एक्‍सप्‍लेनेटरी मेमोरेंड जारी किया जाता है।

विवाहितों और अविवाहितों के लिए अलग-अलग टैक्स

साल 1955-56 के यूनियन बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री देशमुख ने विवाहित लोगों के लिए 1,500 रुपये का मौजूदा टैक्‍स एक्‍जेम्‍प्‍ट स्‍लैब बढ़ाकर 2,000 रुपये का ऐलान किया था। वहीं अविवाहितों के लिए इसे घटाकर 1,000 रुपये करने की घोषणा की थी। योजना आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया था। बजट में 90 लाख रुपये रेवेन्‍यू के नेट लॉस का अनुमान व्यक्त किया गया था। 1950 के दशक में वेल्‍थ टैक्‍स की शुरुआत की गई थी। इसी के साथ इनकम टैक्‍स पर अधिकतम दरों को पांच आने (30 पैसे) से घटाकर चार आना (25 पैसे) किया गया था।

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