Budget 2023: मनीकंट्रोल को दिए गए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में HDFC सिक्योरटीज (HDFC Securities) के वरुण लोहचब (Varun Lohchab) ने कहा है कि आगामी बजट में देश के सप्लाई से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस होगा। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि भारत की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति मजबूत बनी ही है। ऐसे में हमें ये नहीं लगता है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वजह से भारतीय इकोनॉमी में मांग पर कोई बड़ा दबाव दिखने को मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि साल 2022 में निफ्टी आईटी इंडेक्स में काफी गिरावट देखने को मिली है। वर्तमान में आईटी इंडेक्स का वैल्यूएशन इसके ऐतिहासिक औसत से थोड़ा ऊपर बना हुआ है। लेकिन ये कहा जा सकता है कि पहले की तुलना में आईटी शेयरों का वैल्यूएशन अब अच्छा दिख रहा है। भारतीय इक्विटी मार्केट का 18 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरुण का कहना है कि हालांकि अब आईटी इंडेक्स में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। लेकिन इसकी बढ़त भी सीमित रहेगी।
आगामी बजट में पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती की ज्यादा उम्मीद नहीं
वरुण ने आगे कहा कि अगर पर्सनल इनकम टैक्स रेट में कोई कमी की जाती है तो निश्चित तौर पर इससे लोगों की बचत बढ़ेगी और हमें इकोनॉमी में उपभोग स्तर में बढ़त देखने को मिलेगी। लेकिन उनका ये भी कहना है कि उनको आगामी बजट में पर्सनल इनकम टैक्स में कटौती की ज्यादा उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा वरुण लोहचब को कारपोरेट टैक्स में भी बदलाव की कोई संभावना नहीं दिख रही है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के साथ कोई छेडछाड़ नहीं की जाती है तो बाजार इसको पॉजिटव तौर पर लेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट पॉपुलिस्ट बजट नहीं होगा। वित्त मंत्री बजट में संतुलित रवैया बनाकर चलेंगी।
7-8 नए PLI स्कीमों का ऐलान मुमकिन
वरुण का मानना है कि इस बजट में वित्त मंत्री 7-8 नए PLI स्कीमों का ऐलान कर सकती हैं। इसके साथ ही कुछ पिछली स्कीमों में कटौती भी हो सकती है। इस बजट में सरकार प्राइवेट सेक्टर से होने वाले निवेश को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम पर फोकस बनाए रखेगी। उन्होंने अपनी राय देते हुए कहा कि सरकार को ग्रोथ पर होने वाले निवेश में 50-25 फीसदी की बढ़त करनी चाहिए। अलग-अलग सेक्टरों में आवंटन बढ़ाना चाहिए।
सीमेंट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद
सीमेंट सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी और देश में इंफ्रा पर बढ़ते सरकार के खर्च को देखते हुए आगे हमें सीमेंट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद है। मीडियम टर्म में हमें सीमेंट की डिमांड में अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी। ऐसे में सीमेंट सेक्टर के स्टॉक हमारे पोर्टफोलियो में शामिल होने चाहिए।
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