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Economic Survey 2024: अमीर-गरीब के बीच कैसे कम होगी खाई? इनकम इनिक्वालिटी को लेकर सरकार ने बताई पॉलिसी

Economic Survey 2024: संसद में सोमवार (22 जुलाई) को पेश आर्थिक समीक्षा 2023-24 में की रिपोर्ट '2022 में भारत में असमानता की स्थिति' में कहा गया है कि भारत में शीर्ष 1 प्रतिशत के पास कुल अर्जित आय का 6-7 प्रतिशत हिस्सा है। जबकि शीर्ष 10 फीसदी लोगों के पास कुल अर्जित आय का 1-तिहाई हिस्सा है

Curated By: Akhileshअपडेटेड Jul 22, 2024 पर 7:18 PM
Economic Survey 2024: अमीर-गरीब के बीच कैसे कम होगी खाई? इनकम इनिक्वालिटी को लेकर सरकार ने बताई पॉलिसी
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Economic Survey 2024: संसद में सोमवार (22 जुलाई) को पेश आर्थिक समीक्षा 2023-24 में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती असमानता एक महत्वपूर्ण आर्थिक चुनौती बनकर उभर रही है। इसमें कहा गया है कि आने वाले वर्षों में इनकम इनिक्वालिटी यानी आय असमानता से निपटने में टैक्स पॉलिसी की प्रमुख भूमिका होगी, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग रोजगार और आय पर अधिक नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

रिपोर्ट '2022 में भारत में असमानता की स्थिति' में कहा गया है कि भारत में शीर्ष 1 प्रतिशत के पास कुल अर्जित आय का 6-7 प्रतिशत हिस्सा है। जबकि शीर्ष 10 फीसदी लोगों के पास कुल अर्जित आय का 1-तिहाई हिस्सा है।

आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन, असंगठित क्षेत्र को संगठित क्षेत्र के साथ एकीकृत करने तथा महिला श्रम शक्ति का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए किए जा रहे सभी महत्वपूर्ण नीतिगत हस्तक्षेपों का उद्देश्य असमानता को प्रभावी ढंग से दूर करना है।

पीटीआई के मुताबिक इसमें कहा गया है कि पूंजी और श्रम आय को लेकर कर नीतियां आने वाले वर्षों में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। खासकर इसलिए क्योंकि AI जैसी हाई टेक्नोलॉजी से रोजगार और आय पर अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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