Budget 2024-25: क्रिप्टो और वेब3 इंडस्ट्री से जुड़ी इकाई भारत वेब3 एसोसिएशन (Bharat Web3 Association) ने पिछले महीने फाइनेंस मिनिस्ट्री को बजट 2024 के लिए पिछले महीने अपनी मांगें (विश लिस्ट) भेजी थीं। क्रिप्टो इंडस्ट्री इस बार के बजट में विदेशी एक्सचेंजों के लिए रेगुलेटरी में सख्ती चाहती है। इसके अलावा, उसने टैक्स को भी तर्कसंगत बनाए जाने की मांग की है।
यह मांग ऐसे वक्त में देखने को मिल रही है, जब भारतीय क्रिप्टो सेक्टर में पहले ही रेगुलेटरी मोर्चे पर सख्ती के संकेत दिख रहे हैं। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने उन ऑफशोर एक्सचेजों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जो फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट- इंडिया (FIU-IND) के साथ रजिस्टर्ड नहीं हैं। साथ ही ऐसे एक्सचेंजों के URL को भी ब्लॉक किया जा रहा है।
भारत वेब3 एसोसिएशन के मौजूदा मेंबर्स में पॉलिगॉन (Polygon) और बायकोनॉमी (Biconomy) जैसी क्रिप्टो इंफ्रा मुहैया कराने वाली कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा, क्रिप्टो कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX) और कॉइनस्विच (CoinSwitch) जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज, वर्चुअल गेमिंग प्लेटफॉर्म हाइक (Hike) और लिमिनल (Liminal) और टैक्स नोड्स (Tax Nodes) जैसे अन्य वेब3 खिलाड़ी भी एसोसिएशन के मेंबर हैं।
मनीकंट्रोल को मिली जानकारी के मुताबिक, भारत वेब3 एसोसिएशन (BWA) ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफर पर टीडीएस (TDS) रेट को 1 पर्सेंट से घटाकर 0.01 पर्सेंट करने की मांग की है। एसोसिएशन द्वारा बजट के लिए जारी नोट में यह भी कहा गया है कि टैक्स के मौजूदा ढांचे में VDA ट्रांजैक्शन पर नजर रखने का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है। नोट के मुताबिक, 'इसके बजाय मौजूदा टैक्स ढांचे की वजह से लोग ऐसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जिन पर नजर रखना तकरीबन नामुमकिन है।'