Budget 2024-25: सैलरी वालों के लिए बजट में हो सकते हैं ये ऐलान! बढ़ सकती है इन टैक्स डिडक्शन की लिमिट

Budget 2024-25: इस बार के बजट पर सैलरी क्लास की भी बारीकी से नजर होगी। माना जा रहा है कि सरकार रहन-सहन की बढ़ती लागत के बीच सैलरी वालों के लिए टैक्स में छूट का ऐलान कर सकती है। वित्त वर्ष निर्मला सीतारमण जुलाई के दूसरे पखवाड़े में आम बजट 2024-25 को पेश करेंगी। डेलॉइट के मुताबिक, सैलरी क्लास के लोगों को इस बार बजट से कई तरह की उम्मीदे हैं

अपडेटेड Jul 02, 2024 पर 6:30 PM
Budget 2024-25: सरकार आयकर छूट की सीमा को मौजूदा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है

Budget 2024-25: इस बार के बजट पर सैलरी क्लास की भी बारीकी से नजर होगी। माना जा रहा है कि सरकार रहन-सहन की बढ़ती लागत के बीच सैलरी वालों के लिए टैक्स में छूट का ऐलान कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के दूसरे पखवाड़े में आम बजट 2024-25 को पेश करेंगी। डेलॉइट के मुताबिक, सैलरी क्लास के लोगों को इस बार बजट से कई तरह की उम्मीदे हैं। इसमें इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव, EV की खरीद पर इनसेंटिव और किफायती आवास को बढ़ावा आदि शामिल है।

पुरानी और नई टैक्स स्लैब में समानता की मांग

सरकार ने 2023 के बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कई तरह के बदलाव किए थे। इसमें टैक्स छूट की न्यूनतम सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया और 5 करोड़ रुपये से अधिक आय वालों पर सरचार्ज 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया। इन कदमों का उद्देश्य नई टैक्स रिजीम को और अधिक आकर्षक बनाना था। हालांकि पुरानी टैक्स रिजीम के तहत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। डेलॉयट के एनालिस्ट्स ने नोट में लिखा है कि इस बात की संभावना बढ़ रही है कि सरकार नई टैक्स रिजीम के तहत आयकर छूट की सीमा को मौजूदा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है।

HRA में बदलाव


नई टैक्स रिजीम को सरकार ने डिफॉल्ट विकल्प रखा है। हालांकि अभी भी काफी संख्या में कर्मचारी RA छूट और 80C कटौती का लाभ उठाने के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनते हैं। ऐसे में अगर सरकार इस लाभ को पुरानी टैक्स रिजीम में भी लाती है, तो सैलरी क्लास को इससे फायदा हो सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की राशि को 50,000 रुपये से अधिक बढ़ाए जाने से काफी राहत मिलेगी।

बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में हाल में काफी तेजी से किराया बढ़ा है। साल 2023 में तो सालाना आधार पर 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। ऐसे में अब HRA डिक्शन के समीक्षा की मांग बढ़ गई है। फिलहाल किसी सैलरी कर्मचारी के सीटीसी में HRA कंपोनेंट का हिस्सा 20 से 30 प्रतिशत होता है। डेलॉयट ने कहा कि मेट्रो शहरों में इस मूल सैलरी का 50 प्रतिशत तक करने से एक बड़ी आबादी को काफी राहत मिलेगी।

EV प्रोत्साहन

सरकार कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए EV के चलन को बढ़ाने के लिए जोर दे रही है। सरकार का लक्ष्य 2023 तक देश में बिकने वाले कुल वाहनों में EV की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक ले जाने की है। सरकार ने 2019 में इनकम टैक्स एक्ट के तहत धारा 80EEB को जोड़ा था, जो EV लोन के ब्याज पर सालाना 1.5 रुपये तक की कटौती की इजाजत देता था। हालांकि मार्च 2023 से आगे नहीं बढ़ाया गया। डेलॉयट ने कहा कि इस धारा को वापस लाने और छूट की सीमा को 2 लाख तक करने से EV की मांग को प्रोत्साहन मिलेगा।

होम लोन पर राहत

सैलरी क्लास के लोगों की एक मांग धारा 80EEA को फिर से लागू करने की भी है। यह धारा पहली बार घर खरीदने वालों को लाभ देती है। हालांकि इसे मार्च 2022 से आगे नहीं बढ़ाया गया।

यह भी पढ़ें- Budget 2024 Date: निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को पेश कर सकती हैं फुल बजट, इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।