Budget 2024 : MOFSL के रिसर्च हेड, इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज गौतम दुग्गड़ सीएनबीसी-आवाज से बाजार और बजट पर बात करने के जुड़े। गौतम के पास इक्विटी बाजार का करीब 3 दशकों का अनुभव है। ये करीब 14 साल से मोतीलाल ओसवाल से जुड़े हुए हैं। गौतम की लीडरशिप में 50 लोगों की रिसर्च एनालिस्ट टीम ने मिलकर बाजार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट तैयार करने में लगभग 15 दिन लगते हैं। ये रिपोर्ट काफी व्यापक होती है। इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आमतौर पर दूसरा कुछ पढ़ने की जरूरत नहीं होती।
अपनी इस रिपोर्ट और बाजार पर बात करते हुए गौतम ने कहा कि 20 साल पहले बाजार का मूवमेंट सिर्फ FIIs पर आधारित रहता था। बाजार में पिछले 3-4 साल के मूवमेंट में रिटेल ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। MSCI में इंडिया का वेटेज बढ़ा है। बाजार में रिटेल निवेशकों ने सुलझा हुआ बर्ताव दिखाया है। रिटेल की भागीदारी से भारत का कुल डिपॉजिट सालाना 10-12% बढ़ रहा है।
अगले 25 साल में सेविंग्स का दायरा बढ़ेगा
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि इक्विटी में पैसा बैंकों के जरिए ही आता है। सालभर पहले क्रेडिट डिपॉजिट रेश्यो की कोई बात नहीं करता था। इक्विटी ने हमेशा से 12-13 फीसदी का कंपाउंडिंग रिटर्न दिया है। अगले 25 साल में सेविंग्स का दायरा बढ़ेगा।
PSU बैंकों पर पॉजिटिव नजरिया अब भी बरकरार
गौतम ने बताया कि PSU बैंकों पर पॉजिटिव नजरिया अब भी बरकरार है। PSU बैंकों पर उनका ओवरवेट नजरिया कायम है। हालांकि ऑटो पर नजरिया ओवरवेट से अंडरवेट किया गया है। ऑटो में M&M और अशोक लेलैंड गौतम के पसंदीदा स्टॉक हैं। कंजम्प्शन सेक्टर पर भी मोतीलाल ओसवाल का पॉजिटिव नजरिया बरकरार है।
लगातार 5वीं तिमाही में नतीजे कमजोर रह सकते हैं
गौतम ने कहा कि इस बार के बजट में सरकार सरप्लस राशि को स्ट्रैटेजिक तरीके से इस्तेमाल कर सकती है। इस तिमाही भी अर्निंग्स 20 फीसदी घटने की संभावना है। लगातार 5वीं तिमाही में नतीजे कमजोर रह सकते हैं
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