अगले महीने आने वाले बजट में इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद है। इससे डिमांड बढ़ने से कंजम्प्शन को बढ़ावा मिलेगा, जिसका पॉजिटिव असर इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ेगा। इंडिया में सबसे ज्यादा टैक्स स्लैब में टैक्स का रेट कई विकसित और विकासशील देशों के मुकाबले कम है। यह बात भी ध्यान देने वाली है कि फ्रांस और फिनलैंड जैसे देशों में जहां टैक्स के रेट्स ज्यादा हैं वहां सरकार की तरफ से लोगों को कई सुविधाएं मिलती हैं।
कनाडा में सबसे ज्यादा 50.5 फीसदी टैक्स
इंडिया में इनकम टैक्स की नई रीजीम में सालाना 5 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई करने वाले लोगों को 39 फीसदी टैक्स चुकाना होता है। इसमें 5 करोड़ से ज्यादा इनकम पर 25 फीसदी सरचार्ज शामिल है। कनाडा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टैक्सपेयर औसतन 50.5 फीसदी टैक्स देता है। एक्चुअल टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि टैक्सपेयर किस प्रांत में रहता है। यह जानकारी PwC के डेटा पर आधारित है।
ब्रिक्स देशों में सबसे ज्यादा 45 फीसदी टैक्स
ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी में सबसे ज्यादा टैक्स रेट 45 फीसदी है। जर्मनी अतिरिक्त 5.5 फीसदी सॉलिडरिटी सरचार्ज लगाता है। फ्रांस 2,50,000 यूरो से ज्यादा कमाई वाले लोगों पर अतिरिक्त 3 फीसदी टैक्स लगाता है। BRICS देशों में चीन और दक्षिण अफ्रीका में टैक्स का सबसे ज्यादा रेट 45 फीसदी है। ब्राजील में सबसे ज्यादा टैक्स 27.5 फीसदी है, जो काफी कम है।
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नई रीजीम में 15 लाख से ज्यादा इनकम पर 30% टैक्स
इंडिया में नई टैक्स रीजीम में बगैर सरचार्ज 30 फीसदी टैक्स रेट 15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर शुरू हो जाता है। मनीकंट्रोल के एनालिसिस से पता चलता है कि इंडिया में 30 फीसदी टैक्स रेट और देश में प्रति व्यक्ति आय के बीच फर्क 7.1 गुना है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। वियतनाम इस मामले में दूसरे नंबर पर है। चीन में 30 फीसदी टैक्स रेट 4,20,000 युआन की इनकम से शुरू होता है जो 2022 में देश की प्रति व्यक्ति आय का 3.7 गुना था। विकसित देशों में यह फर्क कम है। अमेरिका में 30 फीसदी टैक्स रेट 1,82,101 डॉलर की इनकम पर शुरू होता है। यह प्रति व्यक्ति आय का 2.4 गुना है।