एजुकेशन सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार बजट में आवंटन बढ़ा सकती है। रिसर्च पर भी सरकार का फोकस बढ़ सकता है। इस सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि साइंस, टेक्नोलॉजी और ऐसे दूसरे अहम सेक्टर में ग्रोथ के लिए रिसर्च पर फोकस बढ़ाना होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के तीसरे हफ्ते में यूनियन बजट पेश कर सकती हैं। इस साल 1 फरवरी को उन्होंने अंतरिम बजट पेश किया था।
अभी आरएंडडी पर जीडीपी का सिर्फ 0.65 फीसदी खर्च
आईआईटी-दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर और बिट्स पिलानी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस चांसलर वी रामगोपाल राव ने कहा कि अभी R&D पर खर्च जीडीपी का सिर्फ 0.65 फीसदी है। यह दुनिया में आरएंडडी पर होने वाले जीडीपी के 1.8 फीसदी के औसत खर्च से काफी कम है। यह ब्रिक्स देशों के औसत खर्च से भी कम है। इसलिए इस पर खर्च बढ़ाने की जरूरत है।
अंतरिम बजट में 1.20 लाख करोड़ का आवंटन
उन्होंने कहा कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (NRF) इस कमी को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसके लिए इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के सहयोग से कई स्कीम शुरू की जा सकती हैं। इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में एजुकेशन के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के 1.29 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से 7.26 फीसदी कम था।
स्कूली बजट का आवंटन बढ़ाया गया
अंतरिम बजट में हालांकि, स्कूल एजुकेशन के लिए आवंटन काफी बढ़ाया गया था। 2023-24 के 72,473 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले स्कूल एजुकेशन के लिए अंतरिम बजट में 73,008 करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया गया था। यह 0.7 फीसदी का इजाफा था। शारदा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टटीज के डी डॉ कपिल पांडला ने कहा कि इस महीने पेश होने वाले बजट में हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस के लिए आवंटन काफी बढ़ सकता है।
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हायर एजुकेशन के लिए बढ़ सकता है आवंटन
उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन के लिए ऐलोकेशन बढ़ने से इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बजट में वोकेशनल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम पर जोर होना चाहिए। इससे ग्रेजुएट्स की एंप्लॉयबिलिटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के जरिए 12,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस पैसे का इस्तेमाल करीब 1 करोड़ युवाओं की ट्रेनिंग पर होगा।