केंद्र सरकार उन सरकारी कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है, जिनमें अभी उसकी हिस्सेदारी काफी ज्यादा है। कैपिटल मार्किट पार्टिसिपेंट्स ने यूनियन बजट 2024 से पहले फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को यह सलाह दी है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने 20 जून को बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में वित्तमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को उन पीएसयू में अपनी हिस्सेदारी घटाने की जरूरत है, जिनमें अभी उसकी बहुत ज्यादा हिस्सेदारी है। इसकी वजह यह है कि ट्रेडिंग के लिए कम शेयर (लो फ्लोट) मार्केट में उपलब्ध होने की वजह से इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को इस बारे में बताया।
