इस महीने पेश होने वाले बजट में सरकार के कर्ज लेने और खर्च करने के अपने टारगेट में बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। रायटर्स के पोल के नतीजों से यह पता चला है। इसमें यह भी कहा गया है कि लोकसभा चुनावों में बीजेपी के अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलने के बावजूद बॉरोइंग और स्पेंडिंग टारगेट में बदलाव नहीं होगा। बीजेपी ने कुछ क्षेत्रीय दलों के सहयोग से सरकार बनाई है। लेकिन, उसने अपने ज्यादातर मंत्रियों में बदलाव नहीं किया है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार की फिस्कल पॉलिसी जारी रहेगी। इसका फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च के जरिए इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने पर बना रहेगा। इस पोल में 45 इकोनॉमिस्ट्स ने हिस्सा लिया।
