यूनियन बजट में कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। मार्केट से जुड़े लोगों को मानना है कि अगर ऐसा होता है तो मार्केट पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। इससे शॉर्ट टर्म में मार्केट में बड़ी गिरावट आ सकती है। इससे सरकार को रेवेन्यू बढ़ाने में भी ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। इसका निवेशकों और पूंजी जुटाने के कंपनियों के प्लान पर खराब असर पड़ सकता है। वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार ने कहा कि अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ाने का ऐलान बजट में करती हैं तो इसका मार्केट सेंटिमेंट पर असर पड़ेगा। कुछ समय के लिए मार्केट का मूड बिगड़ जाएगा।
शेयरों के कैपिटल गेंस पर टैक्स की शुरुआत बजट 2018 में हुई थी
धीरेंद्र कुमार ने 2022 में लिखा था कि कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर इंडियन मार्केट में कितना डर है। उन्होंने निवेशकों को इस बारे में ज्यादा चिंता नहीं करने की सलाह दी थी। हालांकि, वह कैपिटल गेंस टैक्स को अनुचित मानते हैं, क्योंकि संबंधित कंपनी ने पहले ही अपना टैक्स चुकाया होता है। शेयरों और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम के यूनिटस को बेचने पर कैपिटल गेंस टैक्स की शुरुआत बजट 2018 में हुई थी।
अभी कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने के संकेत नहीं
PwC India में पार्टनर सुरेश स्वामी ने कहा कि अगर कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर मार्केट के मूड को संकेत माना जाए तो निवेशकों को मुश्किल वक्त के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह माना कि अभी कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने का कोई संकेत नहीं है। उधर, धीरेंद्र कुमार का मानना है कि 2018 में कैपिटल गेंस पर मार्केट की प्रतिक्रिया की वजह तब कंपनियों की कमजोर कमाई हो सकती है।
एचएनआई पर पड़ेगा ज्यादा असर
डेलॉयट इंडिया के राजेश गांधी ने कहा कि कैपिटल गेंस टैक्स अगर बढ़ाया जाता है तो इसका ज्यादा असर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की वृद्धि का कुछ समय के लिए मार्केट सेंटिमेंट पर खराब असर पड़ेगा। शार्दुल अमरचंद मंगलदास की पार्टनर गौरी पुरी ने कहा कि कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने से निवेशक मुनाफावसूली करने से परहेज करेंगे। इससे रेवेन्यू बढ़ाने का सरकार का मकसद पूरा नहीं होगा।
टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव का अच्छा असर पड़ेगा
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों की खामियां दूर करती है तो इसका सेंटीमेंट पर अच्छा असर पड़ेगा। रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर हर्ष रूंगटा ने कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में कई तरह की कमियां हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं है कि सरकार कैपिटल गेंस टैक्स के स्ट्रक्चर में बदलाव करेगी या नहीं। लेकिन, इसे करने की जरूरत है।