इंडिया इंक को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से काफी उम्मीदें हैं। उसका मानना है कि यह बजट ब्लॉकबस्टर होगा। इंडिया इंक का मतलब उद्योग जगत से है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 का फुल बजट पेश करेंगी। डेलॉयट ने मनीकंट्रोल के लिए इंडिया इंक की राय बजट के बारे में जानने के लिए 78 कंपनियों के सीईओ और सीएक्सओ से बातचीत की। इनमें फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर गुड्स, टेक्नोलॉजी और एनर्जी सहित कई सेक्टर की कंपनियां शामिल थीं। सर्वे में शामिल करीब 80 फीसदी लोगों की राय इकोनॉमिक की ग्रोथ के बारे में बहुत पॉजिटिव थी। आइए सर्वे के नतीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
इकोनॉमी की ग्रोथ 7.5% रह सकती है
सर्वे में शामिल करीब 59 फीसदी लोगों का मानना है कि इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) की ग्रोथ 6.5 से 7.5 फीसदी के बीच रह सकती है। करीब 21 फीसदी लोगों ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ 7.5 फीसदी से ज्यादा रह सकती है। सर्वे में शामिल लोगों ने राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलाव पर भी अपनी राय जताई। इससे पता चलता है कि राजनीतिक स्तर पर आए बदलाव के बावजूद उद्योग जगत की सोच काफी पॉजिटिव है। इस साल लोकसभा चुनावों के नतीजों में BJP को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलीं। इसलिए केंद्र की NDA की नई सरकार सहयोगी दलों पर निर्भर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्रोथ में सबसे ज्यादा योगदान रहेगा
सर्वे में शामिल 73 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए सबसे अहम बताया। 72 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स का मानना था कि युवा, स्किल्ड वर्कफोर्स और बड़ा कंज्यूमर बेस इंडिया की ग्रोथ स्टोरी में बड़ी भूमिका निभाएगा। करीब 51 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स का मानना था कि मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ और नौकरियों के मौके बनाने के लिए बड़े रिफॉर्म्स जरूरी हैं।
इनफ्लेशन का आरबीआई का टारगेट हासिल होगा
सर्वे में एग्जिक्यूटिव्स से इनफ्लेशन को लेकर FY25 में RBI के 4.5 फीसदी टारगेट के बारे में सवाल पूछा गया। ज्यादातार एग्जिक्यूटिव्स ने इस टारगेट के हासिल हो जाने का भरोसा जताया। 41 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स को इस टारगेट के हासिल होने को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं था। 54 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने कहा कि उन्हें अगले 6 महीनों में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है। 27 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने कहा कि रेपो रेट में 25-50 प्वाइंट्स की कमी आ सकती है। इंडिया इंक ने टैक्स रीजीम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की इच्छा जताई।
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थोड़ी ज्यादा है स्टॉक मार्केट की वैल्यूएशन
शेयर मार्केट के प्रमुख सूचकांकों के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच जाने के बारे में भी एग्जिक्यूटिव्स से सवाल पूछे गए। 55 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने कहा कि अभी स्टॉक मार्केट की वैल्यूएशन थोड़ी ज्यादा है। 22 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने कहा कि इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन कम है। करीब 69 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स का कहना था कि सरकार रिफॉर्म्स जारी रखेगा। इस दौरान उसका फोकस कैपिटल एक्सपेंडिचर, टैक्स नियमों को आसान बनाने, रेवेन्यू बढ़ाने आदि पर होगा। सिर्फ 14 फीसदी एग्जिक्यूटिव्स ने लोकलुभावन यानी पॉपुलिस्ट कदमों की उम्मीद जताई।