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Budget 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजों का NDA सरकार की फिस्कल पॉलिसी के लक्ष्य पर नहीं पड़ेगा असर

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के फुल बजट पर नजरें लगी हैं। सवाल है कि क्या सरकार फिस्कल कंसॉलिडेशन पर अपना फोकस बनाए रखेगी या लोकसभा चुनावों के नतीजों को देखते हुए इसमें किसी तरह का बदलाव आएगा

Translated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 24, 2024 पर 10:19 AM
Budget 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजों का NDA सरकार की फिस्कल पॉलिसी के लक्ष्य पर नहीं पड़ेगा असर
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण नई NDA सरकार का पहला फुल बजट पेश करेंगी। यह बजट 8 महीनों के लिए होगा।

आम परिवारों की तरह सरकार को भी अपने खर्च की प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। हर साल सरकार अपने 12 महीने के खर्च का प्लान बनाती है। इसके लिए वह यूनियन बजट पेश करती है। मामला तब थोड़ा जटिल हो जाता है जब साल के खर्च को दो हिस्सों में बांटना पड़ता है। ऐसा हर पांच साल पर होता है, जब देश में लोकसभा चुनाव होता है। फिलहाल, फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं।

8 महीनों के लिए होगा Budget 2024 

पहला, उनके पास देखने के लिए पिछला बजट (Budget) नहीं है, क्योंकि वह एक अंतरिम बजट (Interim Budget) था। तब सरकार ने पॉलिसी से जुड़ी कई चीजें लोकसभा चुनावों के बाद बनने वाली नई सरकार के लिए छोड़ दी थी। दूसरा, वह (सीतारमण) नई सरकार का पहला फुल बजट (Budget 2024) पेश करेंगी। यह बजट 8 महीनों के लिए होगा। फाइनेंस मिनिस्टर अगले साल 1 फरवरी को फुल बजट पेश करेंगी, जो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए होगा।

सरकार के फिस्कल रोडमैप पर नजर

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