Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को संसद में अंतरिम बजट 2024 (Interim Budget) पेश किया। आम चुनावों से पहले पेश किए गए इस बजट में उन्होंने पर्सनल इनकम टैक्स (Personal Income Tax) के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी। हालांकि स्टार्टअप और पेंशन फंड्स के लिए कुछ टैक्स बेनिफिट्स को एक्सटेंड करने का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि स्टार्टअप के लिए कुछ टैक्स बेनिफिट, सावरेन वेल्थ या पेंशन फंड की ओर से किए गए कुछ निवेशों और GIFT सिटी में कुछ IFSC यूनिटों की चुनिंदा आय पर कर छूट की डेडलाइन 31 मार्च 2024 को खत्म हो रही है। टैक्सेशन में निरंतरता बनाए रखने के लिए इस डेडलाइन को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया जाता है।
सरकार ने देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार की ओर से अब तक 1.17 लाख स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है।
इस तरह के बेनिफिट्स को एक वर्ष के लिए एक्सटेंड करना, पिछले कई केंद्रीय बजटों सें होता आ रहा है। टैक्स बेनिफिट स्कीम्स के तहत पात्र स्टार्टअप को 10 साल के ऑपरेशंस के कुल टाइम फ्रेम में 3 साल की अवधि के लिए कमाए गए मुनाफे पर 100% टैक्स रिबेट मिलता है। लेकिन शर्त यह रहती है कि किसी भी वित्त वर्ष में स्टार्टअप्स का टोटल टर्नओवर 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो। इस फायदे को देने का मकसद स्टार्टअप्स को उनकी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है, विशेष रूप से उनके ऑपरेशंस के लिए काफी अहम माने जाने वाले शुरुआती वर्षों के दौरान।
टेक सेवी युवाओं के लिए स्वर्णिम काल
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे टेक सेवी युवाओं के लिए यह एक स्वर्णिम काल होगा। इसे देखते हुए 50 वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाया जाएगा। इस कॉर्पस से लॉन्ग टर्म फाइनेंसिंग या रिफाइनेंसिंग कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस कॉर्पस से प्राइवेट सेक्टर को नए उभरते क्षेत्रों में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।