निर्मला सीतारमण ग्रामीण इलाकों के लिए बजट में खास स्कीम का कर सकती हैं ऐलान

India Budget 2024: ग्रामीण इलाकों में मांग अब भी कमजोर बनी हुई है। कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर है। इस सेक्टर की मदद के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट में वेल्फेयर स्कीम का ऐलान कर सकती हैंं। इसमें पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में जाएगा

अपडेटेड Jan 31, 2024 पर 5:16 PM
Budget 2024: एक्सपर्ट्स का कहना है कि एग्रीकल्चर सेक्टर में रिकवरी की रफ्तार सुस्त रही है। लेकिन, इस सेक्टर ने तब इकोनॉमी को बहुत सहारा दिया था, जब कोरोना की महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई थीं।

Budget 2024: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ग्रामीण इलाकों के लिए स्कीम का ऐलान कर सकती हैं। इसमें सरकार सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में स्कीम का पैसा डालेगी। लोकसभा चुनावों से पहले आने वाले इस बजट में सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों पर रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि अब भी आबादी का करीब 65 हिस्सा गांवों में रहता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट (Interim Budget) होगा। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी।

ग्रामीण इलाकों को स्कीम की जरूरत

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डीके जोशी ने बताया, "हमें नहीं लगता कि सरकार बजट में कंजम्प्शन बढ़ाने पर फोकस करेगी। अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रख सरकार सीधे तौर पर कंजम्प्शन बढ़ाने वाले उपायों से परहेज करती आ रही है। उसने पूंजीगत खर्च पर अपना फोकस बढ़ाया है। सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाती है या उसे इस वित्त वर्ष के स्तर पर बनाए रखती है, इसका पता बजट में होने वाले ऐलान से चलेगा।" उन्होंने बताया कि जहां तक नई स्कीम के ऐलान की बात है तो इसकी ज्यादा जरूरत ग्रामीण इलाकों को है। इसकी वजह यह है कि कृषि सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा नहीं है।


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सीधे बैंक अकाउंट में पैसे डालेगी सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार स्कीम के तहत सीधे बैंक अकाउंट में पैसा डालना चाहेगी। सरकार का फोकस इकोनॉमी की उत्पादक क्षमता बढ़ाने पर होगा। EY India के चीफ पॉलिसी एडवाइजर डीके श्रीवास्तव ने कहा कि बजट में सरकार को ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों पर फोकस बनाए रखने की जरूरत है। सरकार ने इंडिया को विकसित देश बनाने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का टारगेट तय किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि वैश्विक स्थितियों के चलते कुछ मुश्किलें आ रही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश के लिए भी काफी पूंजी की जरूरत है।

एग्रीकल्चर सेक्टर की ग्रोथ सुस्त

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एग्रीकल्चर सेक्टर में रिकवरी की रफ्तार सुस्त रही है। लेकिन, इस सेक्टर ने तब इकोनॉमी को बहुत सहारा दिया था, जब कोरोना की महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई थीं। तब इकोनॉमी की ग्रोथ निगेटिव में आ गई थी। ऐसे वक्त में कृषि सेक्टर ने अच्छी ग्रोथ दिखाई थी। इससे इकोनॉमी को बहुत सहारा मिला था। ग्रामीण इलाकों में मांग अब भी कमजोर बनी हुई है।

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