Union Budget 2024 : सरकार का फोकस डेवलपमेंट और सस्टेनेबिलिटी पर है। सरकार 2070 तक नेट जीरो इमिशन के टारगेट को लेकर प्रतिबद्ध है। इस टारगेट को हासिल करने सरकार 'सबका साथ, सबका विश्वास' चाहती है। इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (eLCVs) का इस्तेमाल बढ़ाने से इस टारगेट को हासिल करने में मदद मिल सकती है। इससे रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। इसके अलावा ई-रिक्शा मोबिलिटी का सस्ता जरिया है। घर तक गुड्स की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसमें इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शिल व्हीकल्स पर फोकस जारी रहने की उम्मीद है। पिछले बजट में भी सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर था।
ईवी के रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाने की जरूरत
पीएचएफ लीजिंग के सीईओ शायला गुप्ता ने कहा उम्मीद है कि सरकार eLCVs का इस्तेमाल बढ़ाने की अपनी पॉलिसी जारी रखेगी। इसके लिए न सिर्फ ग्राहकों को ईवी की खरीद पर सब्सिडी जारी रखने की जरूरत है बल्कि रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस को भी आसान बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार इंडस्ट्री के साथ मिलकर बैटरी की कीमतों में कमी लाने के लिए एक फ्रेमवर्क बना सकती है। इससे इलेक्टिक व्हीकल की कीमत में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी ग्राहकों के इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने में सबसे बड़ी दिक्कत उसकी ज्यादा कीमत है।
ईवी इंडस्ट्री को सरकार से चाहिए प्रोत्साहन
उन्होंने कहा कि सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्कीम लॉन्च की है। सरकार को इसी तर्ज पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। eLCVs खरीदने के लिए लोने देने वाली एनबीएफसी के लिए सबवेंशन स्कीम शुरू की जा सकती है। सरकार ईएलसीवी के लिए कम इंटरेस्ट रेट पर लोन उपलब्ध कराने के भी उपाय कर सकती है।
कीमत घटने से ईवी में बढ़ेगी लोगों की दिलचस्पी
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल बढ़ने से पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भरता घटेगी। अभी क्रूड ऑयल के आयात पर सरकार की काफी विदेशी मुद्रा खर्च हो जाती है। पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। ईवी इंडस्ट्री को सरकार की मदद जारी रहने पर ईवी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।
शायला गुप्ता, सीईओ, पीएचएफ लीजिंग लिमिटेड