Budget 2024: सरकार नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कदम उठा सकती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को छठी बार बजट (Union Budget 2024) पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने वाली है क्योंकि उसके बाद देशभर में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार सैलरी क्लास के कई ऐलान कर सकती है। सरकार का इस बार का फोकस नेशनल पेंशन सिस्टम को और बेहतर और अट्रैक्टिव बनाना है। ताकि, ज्यादा से ज्याद लोग इसमें निवेश करें। वित्तमंत्री बजट में इसे लेकर कुछ खास ऐलान कर सकती है।
बढ़ाई जाए NPS पर मिलने वाली छूट
दोनों टैक्सी रीजीम में राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने की सिफारिश टैक्स एक्सपर्ट कर रहे हैं। यह कदम लोगों को एनपीएस में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करेगा। अभी, एनपीएस में सब्सक्राइबर के 50,000 रुपये तक के कंट्रिब्यूशन को सेक्शन 80CCD (1B) के तहत डिडक्शन मिलता है। लेकिन यह सुविधा सिर्फ इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में है। नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स यह डिडक्शन नहीं मिलता है। यह ओल्ड टैक्स रीजीम में सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले 1.5 लाख रुपये के टैक्स बेनेफिट के अतिरिक्त है।
NPS को बनाया जाएगा आकर्षित
पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन पर EPFO (ईपीएफओ) जैसे टैक्स नियमों की मांग की है। अभी एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन पर टैक्स के नियम एनपीएस और ईपीएफओ के लिए अलग-अलग हैं। एनपीएस में एंप्लॉयी के कॉर्पस (फंड) में एंप्लॉयर के 10 फीसदी तक के कंट्रिब्यूशन को ही टैक्स से छूट मिलती है। यह 10 फीसदी बेसिक पे और डियरनेस अलाउन्स का होता है। उधर, ईपीएफओ में एंप्लॉयी के कॉर्पस में कुल 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन को टैक्स से छूट मिलती है। लंबे समय से एक्सपर्ट्स टैक्स के नियमों में इस फर्क को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।