वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से सीनियर सिटीजंस को काफी उम्मीद हैं। वित्तमंत्री 23 जुलाई को लोकसभा में यूनियन बजट पेश करेंगी। इस साल 1 फरवरी को पेश बजट में वित्तमंत्री ने सीनियर सिटीजंस के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया था। इसलिए सीनियर सिटीजंस को 23 जुलाई को आने वाले बजट से ज्यादा उम्मीदें हैं।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स से छूट की सीमा बढ़ सकती है
सीनियर सिटीजंस (Senior Citizens) को उम्मीद है कि सरकार उनके लिए शेयरों (Shares) और इक्विटी म्यूचुअल फंडों (Equity Mutual Funds) से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स से छूट की सीमा बढ़ाएगी। अभी एक लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस को टैक्स से छूट हासिल है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इसे बढ़ाकर कम से कम 2 लाख रुपये करेगी। अभी एक वित्त वर्ष में शेयरों या म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों से एक लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के दायरे में नहीं आता है। इससे ज्यादा के कैपिटल गेंस पर 10 फीसदी टैक्स लगता है।
घर के किराए पर डिडक्शन की सुविधा शुरू हो सकती है
सीनियर सिटीजंस का कहना है कि कई ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनका अपना घर नहीं है। वे किराया के घरों में रहते हैं। उन्हें हर महीने मकानमालिक को किराया चुकाना पड़ता है। रेगुलर इनकम नहीं होने से उन्हें दिक्कत आती है। सरकार को ऐसे सीनियर सिटीजंस को घर के किराए पर टैक्स डिडक्शन देना चाहिए, जिनकी रेगुलर इनकम नहीं है। इससे बुजुर्गों पर टैक्स का बोझ कम होगा। उन्हें उम्मीद है कि वित्तमंत्री इस बार बजट में उनकी यह मांग पूरी करेंगी।
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हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन बढ़ सकता है
सीनियर सिटीजंस को उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन बढ़ा सकती हैं। अभी 60 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर सालाना 50,000 रुपये डिडक्शन की इजाजत है। बुजुर्गों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में खासकर कोविड की महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम काफी बढ़ गया है। इसलिए सरकार को 50,000 रुपये के डिडक्शन को बढ़ाकर कम से कम एक लाख रुपये कर देना चाहिए। इससे उन पर टैक्स का बोझ घटेगा।