नवंबर 1947 को पहली बार भारत ने अपना आजाद बजट (Budget History) पेश किया था। इस बजट को तत्तकालीन केंद्रीय वित्त मंत्री शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। उसके बाद से हर साल बजट पेश करने की परंपरा का आगमन हुआ। उनके नक्शे कदम पर चलते हुए कई वित्त मंत्रियों (Finance Minister) ने भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के मद्देनजर बजट पेश किया। ऐसे में बजट को पेश करने के दौरान दिया गया भाषण काफी अहम हो जाता है। वैसे तो बजट भाषण की कोई तय समयसीमा नहीं है लेकिन कई बार वित्त मंत्रियों ने लंबे और छोटे भाषणों का एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। इतिहास में कुछ बेहद ही लंबे तो कुछ बेहद ही छोटे बजट भाषण हुए हैं, इनमें से कई रिकॉर्ड तो वर्तमान (Nirmala Sitharaman) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर है।
